
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। दिल्ली और लखनऊ के कोचिंग संस्थानों में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांडों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, जहां तंग बेसमेंट और संकरी इमारतों में लगी आग के कारण कई मासूम छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ी। शहर के कोचिंग सेंटरों के हाल भी कुछ ऐसे हैं।
बेशक इन कोचिंग सेंटरों पर मोटी फीस देकर छात्र अपने सपने को साकार करने के लिए आते हैं, लेकिन इनमें कुछ सेंटरों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर पर सुरक्षा केवल नाम की है या है ही नहीं। लखनऊ के हादसे के बाद शहर के इन कोचिंग सेंटरों पर जो कार्रवाई की गई है वह नाकाफी है।
अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर में छोटी बड़ी मिलाकर पांच सौ से अधिक कोचिंग है। इनमें से महज तीन के पास ही फायर एनओसी है। हकीकत यह है कि जो जानलेवा कमियां दिल्ली और लखनऊ की कोचिंगों में थीं, हूबहू वही सारे खतरे शहर में संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों में भी मौजूद हैं।
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद निगम की टीम औपचारिकता करने के लिए कोचिंग सेंटरों पर पहुंची तो चाहे पटेल नगर हो या लक्ष्मीबाई कालोनी या फिर सिटी सेंटर में सामने आया है कि इन कोचिंग संस्थानों और हास्टलों में आग बुझाने के बेसिक इंतजाम जैसे फायर एक्सटिंग्विशर तक मौजूद नहीं हैं। जहां हैं भी, वे एक्सपायरी डेट के हो चुके हैं।
.jpg)
शहर के सिटी सेंटर, पटेल नगर, पड़ाव व फूलबाग के पास बड़े कोचिंग सेंटर संचालित हैं। इन सेंटरों में प्रत्येक में 500 से 700 बच्चे हैं। सिटी सेंटर के कोचिंग सेंटरों का हाल यह है कि एक एक कक्षा में 50 से 70 बच्चों को बैठाया जाता है।
फायर अमले द्वारा लगातार कोचिंग व व्यावसायिक संस्थानों पर अभियान चलाकर चेकिंग की जा रही है। इस दौरान गड़बड़ी मिलने पर संस्थानों को बंद कराया जा रहा है। आगे भी टीम द्वारा जांच कर फायर सिस्टम के नियमों का पालन कराया जाएगा और उल्लंघन की दशा में कार्रवाई की जाएगी। संघ प्रिय, आयुक्त नगर निगम
शहर में सबसे अधिक कोचिंग सेंटर मेडिकल व इंजीनियरिंग की परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले है। इनमें कई बड़े कोचिंग सेंटरों की फ्रेंचाइज हैं। l
शहर में सिविल सेवा से लेकर पुलिस, शिक्षक, आर्मी व अन्य विभागों की नौकरी की परीक्षा की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटर है। l
एलकेजी से लेकर 12वीं तक की कक्षाओं के छात्रों को पढ़ाने के लिए भी कोचिंग सेंटर हैं। हालांकि इनकी संख्या कम है और इनमें छात्र भी कम ही रहते है।