
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस की सहमति से 53 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी घोषित करते हुए परंपरा के अनुसार बवाल मच गया। नई टीम के गठन के महज दो घंटे बाद ही पार्टी में असंतोष सामने आ गया।
सबसे पहले स्वाभिमान का सवाल उठाते हुए लतीख खा मल्लू ने सचिव पद से इस्तीफा प्रदेश नेतृत्व को भेज दिया। इसके बाद ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिकरवार से जुड़े लोगों ने भी पदों से इस्तीफा दे दिया।
नवागत कार्यकारिणी में स्थान पाने वाले नवागत जिला उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष डॉ राकेश अग्रवाल, महासचिव प्रतीक जैन, रामअवतार जाटव सचिव मुरारीलाल ओझा, ऊदल सिंह, सुरेश प्रजापति के साथ लतीफ खा मल्लू ने भी पद से इस्तीफा देने के साथ प्रदेश नेतृत्व के भरोसा दिलाया कि कांग्रेस के साथ पूर्ण निष्ठा के साथ जुड़ा रहने के साथ संगठन को मजबूत करने के लिए कार्य करता रहूंगा।
सभी इस्तीफों की भाषा एक जैसी थी, लेकिन इस्तीफा देने का कारण नही बताया। यह सभी कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिकरवार से बताये हैं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में दूसरी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए विष्णुकांत शर्मा को भी नई कार्यकारिणी में सचिव बनाया गया है।
शहर जिला कांग्रेस कार्यकारिणी में ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से 27 नाम बताये जा रहे हैं। इसी तरह से एक वार्ड 56 से पांच नाम हैं और नौ यादव कार्यकारिणी में शामिल हैं। माना जा रहा है कि शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष पूर्व विधानसभा क्षेत्र में अपनी टोली को मजबूत कर रहे हैं, जिससे भविष्य में चुनाव की तैयारी कर सकें।
सवाल-क्या प्रदेश नेतृत्व ने घोषित कार्यकारिणी को स्थगित कर दिया है?
जवाब- हां कुछ विसंगतियों के कारण स्थगित किया है।इन विसंगतियों को दूर कर कल तक कार्यकारिणी घोषित होने की उम्मीद है।
सवाल- क्या विसंगतियां थी?
जवाब- कार्यकारिणी में बाथम व कोरी समाज सहित कुछ प्रमुख जातियों को प्रतिनिधित्व नही मिल पाया था।हालांकि शहर जिला कांग्रेस से उनके नाम भेजे गये थे, कैसे रह गये पता नही।
सवाल- कांग्रेस के स्थानीय वरिष्ठ नेताओं से सहमति नही ली गई थी?
जवाब- शहर के छह प्रमुख नेता राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह, पूर्व विधायक प्रवीण पाठक, प्रदेश महामंत्री सुनील शर्मा, मितेंद्र यादव व कांग्रेस पूर्व विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक डा सतीश सिकरवार से छह-छह नाम कार्यकारिणी से मांगे गये थे।इसके साथ ही महापौर डा शोभा सिकरवार से चार नाम लिये गये थे।
सवाल- फिर इस्तीफों का क्या कारण है?
जवाब- कांग्रेस विधायक के सभी नामों को कार्यकारिणी में स्थान दिया गया था, लेकिन कार्यकारिणी में कुछ नामों पर उन्हें आपत्ति थी। वे कांग्रेस कार्यकर्ता हैं, उन्हें किसी की आपत्ति पर कैसे दरकिनार किया जा सकता था।
कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिकरवार का कहना था कि मुझे आप से ज्ञात हो रहा है कि शहर जिला कांग्रेस की कार्यकारिणी घोषित हुई है। पता करता हूं क्या हुआ है।
प्रवीण पाठक का कहना था कि हां घोषित कार्यकारिणी स्थगित की है। नाराजगी जैसी कोई बात नही हैं। जहां मुझे बात करनी थी, वहां की है। इससे अधिक कुछ नही कहना।
इंटरनेट मीडिया पर सबसे पहला इस्तीफा लतीफ खां मल्लू का वायरल हुआ। उसके बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की रीति-नीति और पंपराओं पर तंज कसना शुरू कर दिये।