ग्वालियर कोर्ट का बड़ा फैसला: भोपाल में पदस्थ डीआईजी राजेश सिंह चंदेल सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती का केस दर्ज
आरोप है कि एसपी चंदेल ने कोई कार्रवाई न करते हुए मामला उसी थाने को भेज दिया। अनूप ने मांग रखी कि थाने की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करवाई जाए पर पुलिस ने फ ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 12 May 2026 08:54:09 AM (IST)Updated Date: Tue, 12 May 2026 10:00:31 AM (IST)
ग्वालियर हाई कोर्ट एवं डीआईजी राजेश सिंह चंदेल। सोशल मीडियाHighLights
- तत्कालीन एसपी और पुलिस टीम पर शिकंजा
- वर्ष 2023 में एसपी रहते समय धोखाधड़ी के केस में लाखों रुपये लेने का है आरोप
- जांच में थाने से गायब मिले सीसीटीवी फुटेज
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जिला न्यायालय ने वर्ष 2023 में धोखाधड़ी के केस में राजीनाम पर पैसे लेने के मामले मे तत्कालीन एसपी राजेश सिहं चंदेल व तीन पुलिसकर्मी सुरेद्र नाथ यादव, अजय सिंह सिकरवार और संतोष वर्मा के खिलाफ डकैती सहित अन्य गंभीर धाराओं में परिवाद दर्ज किया है। शिवपुरी व ग्वालियर में एसपी रहे चंदेल वर्तमान में भोपाल देहात में डीआईजी के पद पर हैं। कोर्ट में यह केस पिछले दो साल से सुनवाई में था, जिस पर सोमवार को आदेश सुनाया गया।
मामला थाटीपुर थाना क्षेत्र का है
मामला थाटीपुर थाना क्षेत्र का है जहां वर्ष 2023 में चित्रलेखा जैन और विक्रम राणा पर धोखाधड़ी की एफआइआर दर्ज हुई थी। जिस शिकायतकर्ता ने यह एफआइआर दर्ज करवाई थी उससे बाद में मामले में समझौता हो गया। मामले में परिवाद दायर करने वाले शिकायतकर्ता के अधिवक्ता अशोक कुमार प्रजापति ने बताया कि जांच अधिकारी ने मामला खत्म करने के एवज में आरोपितों से पैसे की मांग की।
लगभग पांच लाख 80 हजार रुपये ले भी लिए। जब पुलिस ने देखा कि आरोपित और भी पैसे दे सकते हैं तो सभी को थाने बुलाकर धमकाया गया। कोर्ट में दी गई दलील के अनुसार, तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह के इशारे पर हवलदार संतोष वर्मा ने अनूप राणा के घर से 9.50 लाख रुपए और मामले से जुड़ी एक महिला आरोपी के घर से 15 लाख रुपए लिए।
शिकायतकर्ता और पुलिस को रुपए और देने का बनाते रहे दबाव
इसके बाद भी शिकायतकर्ता को 30 लाख रुपये देने और पुलिस को छह लाख रुपए और देने का दबाव बनाते रहे। इस सब से परेशान होकर आरोपित के भाई अनूप राणा ने तत्कालीन एसपी राजेश चंदेल को एक लिखित शिकायत दी जिसमें पुलिस द्वारा की गई वसूली के बारे में भी बताया। आरोप है कि एसपी चंदेल ने कोई कार्रवाई न करते हुए मामला उसी थाने को भेज दिया। अनूप ने मांग रखी कि थाने की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करवाई जाए पर पुलिस ने फुटेज को भी नदारद बता दिया। जांच में सामने आया कि थाने की फुटेज को डिलीट किया गया था।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने साल 2024 में अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने थाटीपुर थाने के सीसीटीवी फुटेज मांगे थे। इस पर पुलिस की ओर से कहा गया कि 3 जनवरी 2024 से पहले के फुटेज डिलीट हो चुके हैं। कोर्ट ने इस जवाब पर सख्त नाराजगी जताई। न्यायालय ने इन सभी तथ्यों का संज्ञान लेकर मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन एसपी सहित सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ परिवाद दर्ज कर लिया है। अब इस मामले में न्यायालयीन कार्रवाई होगी।