ग्वालियर: देवगढ़ गिजौर्रा गढ़ी रियासत के वंशज हनुमंत सिंह ने खुद को मारी गोली, 2 महीने से बीमारी से थे परेशान
ग्वालियर अपराथ समाचार: पुलिस के अनुसार- 68 वर्षीय हनुमंत सिंह राजावत ने बीमारी से परेशान होकर ही उन्होंने आत्महत्या की है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कर...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 14 Aug 2026 08:29:26 AM (IST)Updated Date: Fri, 14 Aug 2026 08:30:00 AM (IST)
बुजुर्ग हनुमंत सिंह का फाइल फोटो।HighLights
- सुबह गूंजी गोली की आवाज
- बीमारी से थे हताश
- इलाके में पहचान 'गढ़ी के राजा'
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जिले के डबरा देहात स्थित देवगढ़ गिजौर्रा गढ़ी रियासत के शासकों के वंशज 68 वर्षीय हनुमंत सिंह राजावत ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली। वह गुढ़ा-गुढ़ी का नाका इलाके में एकता कालोनी स्थित अपने घर पर थे, तभी 315 बोर की लाइसेंसी रायफल सीने पर सटाकर खुद को गोली मार ली। वह करीब दो माह से बीमार चल रहे थे। इसके चलते चलने-फिरने में भी परेशानी होती थी। वह अक्सर कहते थे- अब जीना नहीं है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आशंका है- बीमारी से परेशान होकर ही उन्होंने आत्महत्या की है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजन के सुपुर्द कर दिया है।
उनकी पत्नी ने गोली चलने की आवाज सुनी
देवगढ़ गिजौर्रा गढ़ी के शासक के वंशज हनुमंत सिंह राजावत माधोगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत एकता कालोनी में रहते थे। रात को वह खाना खाकर सो गए थे। सुबह करीब चार बजे उनकी पत्नी ने गोली चलने की आवाज सुनी। इसके बाद वह दौड़कर पति के कमरे में पहुंची तो वह खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। पास ही में लाइसेंसी बंदूक थी। उनके सीने में गोली लगी थी और दीवारों पर खून के छींटे भी थे। यह देखकर उनकी चीख निकल पड़ी। चीख सुनकर आसपास के लोग भी आ गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। हनुमंत सिंह की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी बुलाया।
पत्नी बेसुध, बोली- कहते थे अब जीना नहीं है
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी किसी के बयान नहीं हो सके हैं। लेकिन प्रारंभिक पड़ताल में यह बताया है कि वह कुछ दिनों से कह रहे थे- अब उन्हें जीना नहीं है। अब जीने की इच्छा खत्म हो गई है। किसी पर बोझ नहीं बनना, वह गुमसुम भी रहने लगे थे।
कॉलोनी में लोग कहते थे- गढ़ी के राजा
हनुमत सिंह राजावत गिजौर्रा थाना क्षेत्र के देवगढ़ गांव की गढ़ी देवगढ़ से ताल्लुक रखते थे। उनके पूर्वज गढ़ी रियासत के शासक थे। हनुमंत को लोग अभी भी गढ़ी के राजा नाम से ही बुलाते थे। उन्हें पूरे इलाके में इसी नाम से जाना जाता है। डबरा देहात में उनकी काफी संपत्ति है। बड़ा बेटा मुंबई रहता है, जबकि छोटा बेटा ग्वालियर में उनके साथ ही रहता था।