• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • दतिया उपचुनाव
  • सावन माह
  • मानसून
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • ए आई बूटकैंप
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर

कोर्ट में वर्दी पहनकर पहुंचे TI, जज हुए सख्त! सिविल ड्रेस में बुलाकर शाम तक खड़ा रखा

ग्वालियर कोर्ट ने आदेश के बावजूद वर्दी में पहुंचे थाना प्रभारी को वापस भेजकर सिविल ड्रेस में बुलाया। मालखाने से कट्टा गायब होने के मामले में उन्हें शा...और पढ़ें

By Vikram Singh TomarEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 05 Aug 2026 10:21:48 PM (IST)Updated Date: Wed, 05 Aug 2026 10:21:48 PM (IST)
कोर्ट में वर्दी पहनकर पहुंचे TI, जज हुए सख्त! सिविल ड्रेस में बुलाकर शाम तक खड़ा रखा
टीआई पर जज की सख्ती। (एआई जनरेटेड)

HighLights

  1. कोर्ट आदेश के बावजूद वर्दी पहनकर पहुंचे थाना प्रभारी।
  2. जज ने तत्काल वापस भेजकर सिविल ड्रेस मंगवाई।
  3. शाम तक अदालत में सिविल ड्रेस में खड़ा रखा।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। विशेष न्यायाधीश सुनील दंडोतिया की अदालत में बुधवार को उस समय विचित्र स्थिति बन गई, जब विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रविंद्र कुमार कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद पुलिस वर्दी पहनकर पहुंच गए। अदालत ने इस पर नाराजगी जताई और उन्हें तत्काल वापस भेजते हुए सिविल ड्रेस में दोबारा उपस्थित होने का आदेश दिया। इसके बाद थाना प्रभारी कपड़े बदलकर कोर्ट पहुंचे, जहां उन्हें शाम तक न्यायालय में सिविल ड्रेस में खड़ा रखा गया।

एसएसपी को पत्र और न्यायालय की चेतावनी

  • दरअसल, अदालत ने पहले ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह को पत्र लिखकर थाना प्रभारी की 5 अगस्त को बिना पुलिस वर्दी व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
  • न्यायालय ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हुई तो यह माना जाएगा कि या तो संबंधित अधिकारी को अवैधानिक संरक्षण दिया जा रहा है अथवा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर प्रशासनिक नियंत्रण नहीं है। ऐसी स्थिति में अदालत वैधानिक कार्रवाई के लिए बाध्य होगी।

जज की नाराजगी और दिनभर कोर्ट में खड़े रहने की सजा

बुधवार को थाना प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के साथ अदालत पहुंचे, लेकिन न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद वे पुलिस वर्दी में थे। इस पर विशेष न्यायाधीश ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें वापस भेज दिया और निर्देश दिया कि पहले सिविल ड्रेस पहनकर आएं। आदेश का पालन करते हुए थाना प्रभारी दोबारा सिविल ड्रेस में अदालत पहुंचे, जहां उन्हें शाम तक न्यायालय में उपस्थित रखा गया।

मालखाने से कट्टा गायब होने का है मामला

दरअसल यह पूरा मामला एक आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है। पुलिस ने इस मामले में एक देशी कट्टा जब्त कर उसे थाने के मालखाने में जमा किया था। बाद में सुनवाई के दौरान अदालत ने जब्त कट्टा पेश करने के आदेश दिए, लेकिन पुलिस उसे न्यायालय में प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अदालत ने थाना प्रभारी को तलब किया था।

यह भी पढ़ें- 4 साल के मासूम बेटे को फांसी पर लटकाने के बाद पिता भी फंदे से झूला, दोनों की मौत, बड़वानी में दिल दहला देने वाली वारदात