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ग्वालियर नगर निगम बोला सड़कें सुधरीं, याचिकाकर्ता ने बताया जर्जर; हाई कोर्ट ने मांगे नए फोटो

ग्वालियर की जर्जर सड़कों पर हाई कोर्ट ने नगर निगम और याचिकाकर्ता को 10 दिन में ताजा तस्वीरें पेश करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई में इन्हीं के आधार प...और पढ़ें

By Vikram Singh TomarEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 08:57:34 AM (IST)Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 08:57:34 AM (IST)
ग्वालियर नगर निगम बोला सड़कें सुधरीं, याचिकाकर्ता ने बताया जर्जर; हाई कोर्ट ने मांगे नए फोटो
ग्वालियर नगर निगम से हाईकोर्ट मांगे फोटो। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने ताजा तस्वीरें तलब कीं।
  2. 10 दिन में फोटो प्रस्तुत होंगे।
  3. नगर निगम ने सुधार का दावा।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर की जर्जर सड़कों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने नगर निगम और याचिकाकर्ता दोनों को 10 दिन के भीतर संबंधित सड़कों की ताजा तस्वीरें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने स्पष्ट किया कि शहर की सड़कों की मौजूदा स्थिति का आकलन अब पुराने रिकॉर्ड के बजाय नवीनतम फोटो के आधार पर किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 10 दिन बाद होगी। हाई कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि सड़क निर्माण और मरम्मत के दावों में कितनी वास्तविकता है।


नगर निगम ने सुधार का किया दावा

सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से कहा गया कि मई 2025 में दायर जवाब के साथ सड़क निर्माण और मरम्मत की तस्वीरें अदालत में प्रस्तुत की जा चुकी हैं। निगम का दावा है कि शहर की अधिकांश सड़कों की स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर हो चुकी है और सड़क निर्माण कार्य लगातार किए गए हैं।

याचिकाकर्ता ने दावों को बताया भ्रामक

याचिकाकर्ता की ओर से नगर निगम के दावों का विरोध करते हुए कहा गया कि ग्वालियर की कई प्रमुख सड़कें अब भी जर्जर हैं और वाहन चलाने योग्य नहीं हैं। उनका कहना था कि निगम द्वारा कराया गया निर्माण पर्याप्त नहीं है और वास्तविक स्थिति दिखाने के लिए नई तस्वीरें रिकॉर्ड पर लाने की अनुमति दी जाए।

10 दिन में पेश होंगी नई तस्वीरें

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फड़के और न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता और नगर निगम 10 दिन के भीतर संबंधित सड़कों की नवीनतम तस्वीरें अदालत में प्रस्तुत करें। हाई कोर्ट ने कहा कि इन तस्वीरों के आधार पर शहर की सड़कों की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा और अगली सुनवाई में मामले पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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