प्रिंस मामा होटल में बच्चे की मौत के बाद जागा निगम, शहर के स्विमिंग पूलों पर लागू होंगे सख्त नियम
ग्वालियर के प्रिंस मामा होटल में सात वर्षीय बच्चे की डूबने से मौत के बाद नगर निगम सक्रिय हुआ। अब सभी स्विमिंग पूलों का पंजीयन और सुरक्षा मानक अनिवार्य ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 15 May 2026 10:35:51 AM (IST)Updated Date: Fri, 15 May 2026 10:35:51 AM (IST)
वेद की मौत के बाद निगम अफसरों की नींद टूटी। (फोटो- नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- बच्चे की मौत के बाद निगम ने होटल को नोटिस भेजा।
- शहर के सभी स्विमिंग पूलों का पंजीयन अब अनिवार्य रहेगा।
- पूलों में लाइफगार्ड और सुरक्षा उपकरण रखना जरूरी होगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गिरवाई के प्रिंस मामा होटल में सात साल के वेद पाल की मौत के मामले में बड़ी चूक सामने आई है। होटल प्रबंधन की निगरानी न होने की बड़ी बेपरवाही तो सामने आ ही गई वहीं नगर निगम का पूरा सिस्टम स्विमिंग पूल के मामले में गहरी नींद में था।
वेद की मौत के बाद निगम अफसरों की नींद टूटी है तो सबसे पहले होटल प्रिंस मामा को नोटिस जारी किया और अब स्विमिंग पूलों को लेकर एसओपी तैयार की जाएगी। अब हर स्विमिंग पूल चलाने वाले होटल, संस्था व रिसोर्ट को नगर निगम के खेल विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा तभी पूल चल सकेगा। ऐसा न करने वाली संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी। होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज भी बहुप्रसारित हो गया जिसमें दिखा कि वेद किस तरह बड़े पूल में पांच फीट पानी की गहराई तक पहुंच गया और उसकी जान चली गई।
बता दें कि गोल पहाड़िया निवासी देवेंद्र पाल अपने परिवार के साथ सोमवार को होटल में पूल पार्टी के लिए पहुंचे थे। परिवार के लोग बच्चों वाले पूल में नहा रहे थे, लेकिन इसी दौरान वेद बड़े पूल में चला गया और हादसे का शिकार हो गया। पहले परिजन सदमे में होने के कारण पुलिस तक नहीं पहुंचे और बच्चे को दफना दिया था। बाद में जनकगंज थाना पहुंचकर शिकायत की गई, जिसके बाद पुलिस ने शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया। हैरानी की बात यह है कि जिस जगह बच्चा डूबा, उसके बेहद करीब अन्य लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने उसकी हालत नहीं देखी।
स्वजन का आरोप-कोई
बोर्ड तक नहीं था
स्वजन का आरोप है कि पूल में गहराई बताने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था। बच्चों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट और प्रशिक्षित लाइफगार्ड भी मौजूद नहीं था। घटना के दौरान बिजली गुल होने और पूल एरिया में अंधेरा होने की बात भी सामने आई है।
यह रहेंगे जरूरी मानक
- स्विमिंग पूल की न्यूनतम गहराई 0.7 मीटर से 1.5 मीटर तक होनी चाहिए।
- फिल्टर प्लांट का नियमित संचालन, स्वच्छ पानी, एनएबीएल मान्यता प्राप्त लैब से समय-समय पर पानी की जांच
- महिला-पुरुषों के लिए अलग चेंजिंग रूम और प्रशिक्षित लाइफ गार्ड की उपलब्धता अनिवार्य होगी।
- इसके अलावा प्राथमिक उपचार की व्यवस्था, लाइफ जैकेट, लाइफबाय, सेफ्टी राड, गहराई संकेतक और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी जरूरी रहेगी।
निगम ने बनाई टीम, शहर के पूलों की होगी जांच
- निगम ने पूलों की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। समिति सुरक्षा और संचालन मानकों की जांच करेगी। निगम ने प्रिंस मामा होटल को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही शहर में संचालित सभी शासकीय और निजी स्विमिंग पूलों को अब पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। मानकों का पालन नहीं करने वाले पूलों पर कार्रवाई की जाएगी। नोडल अधिकारी खेल बृज किशोर त्यागी ने बताया कि शहर में संचालित और भविष्य में बनने वाले सभी स्विमिंग पूलों के निर्माण व संचालन को विनियमित करने की योजना बनाई जा रही है।
- इसके तहत स्कूल, होटल, क्लब, संस्थान, एजेंसियां, मैरिज गार्डन और आवासीय परिसरों में संचालित सभी पूलों का खेल विभाग में पंजीयन जरूरी होगा। निगम क्षेत्र में संचालित करीब 40 स्विमिंग पूल संचालकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। पंजीयन शुल्क भी श्रेणीवार तय किया गया है। सरकारी खेल परिसरों के पूलों और रेसिडेंशियल सोसायटी या मल्टी में बने पूलों के लिए 25 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। होटल, लाज, रिजार्ट और व्यावसायिक उपयोग वाले पूलों के लिए 40 हजार रुपये शुल्क देना होगा, जबकि निजी घरों में बने पूलों के लिए 20 हजार रुपये शुल्क तय किया गया है।