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ग्वालियर: महिला को जानकारी भी नहीं थी, ESI ने खाते में भेजे 9 लाख से अधिक; अब हर महीने मिलेगी 15 हजार पेंशन

ग्वालियर समाचार: ज्योति के पति ओमनारायण त्रिपाठी चंदेरी में एक होटल में काम करते थे। लेकिन 2021 में वे कोरोना की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई।

By Anil TomarEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Fri, 14 Aug 2026 11:20:36 AM (IST)Updated Date: Fri, 14 Aug 2026 11:21:06 AM (IST)
ग्वालियर: महिला को जानकारी भी नहीं थी, ESI ने खाते में भेजे 9 लाख से अधिक; अब हर महीने मिलेगी 15 हजार पेंशन
ईएसआइ प्रबंधक ज्‍योति को पेंशन 
प्रमाण देते हुए l नईदुनिया

HighLights

  1. कोरोना काल में हुई थी पति की मौत
  2. 5 साल की एरियर राशि एकमुश्त ट्रांसफर
  3. प्राइवेट कर्मचारियों के लिए राहत की मिसाल

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बिजौरा भिंड की ज्योति के पति ओमनारायण त्रिपाठी एक ठेकेदार कंपनी के कर्मचारी थे और कोरोना की वजह से वर्ष 2021 में मौत हो गई। ज्योति को कर्मचारी भविष्य निधि का तो पता था, लेकिन राज्य कर्मचारी बीमा निगम यानि ईएसआइ की पेंशन के बारे में कुछ नहीं मालूम था।

लेकिन किसी के कहने पर एक साल पहले उन्होंने ईएसआई में आवेदन दिया तो गुरुवार को निगम ने ज्योति को 2021 से लेकर अभी तक उसके बेटे की नौ लाख से अधिक पेंशन एक मुश्त उसके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी। साथ ही अब 15 हजार रुपये हर महीने मिलेंगे।


यह था मामला

  1. ज्योति के पति ओमनारायण त्रिपाठी चंदेरी में एक होटल में काम करते थे। लेकिन 2021 में वे कोरोना की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। लेकिन जिस ठेकेदार कंपनी के यहां वे काम करते थे, वह उनका ईएसआइ का पैसा काटती थी। लेकिन ज्योति को इस बारे में पता नहीं था।

  2. 2025 में किसी ने ईएसआइ के बारे में बताया। तब उन्होंने स्थानीय फालका बाजार स्थित ईएसआइ कार्यालय में आवेदन किया। शाखा के प्रबंधक देवकिशन ने इस मामले की जांच की और मामले को सही पाया। इसके बाद ज्योति की पेंशन को इंदौर रीजनल कार्यालय से पास कराया।

  • इसके बाद पिछले पांच साल की पेंशन 936526 रुपये गुरुवार को उनके खाते में ट्रांसफर कराए। साथ ही ज्योति को बताया कि अब उन्हें व उनके बेटे को हर महीने कुल 15 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी। जो समय समय पर बढ़ती भी रहेगी। ज्योति ने बताया कि इस राशि से वे अपने लिए घर खरीदेंगी।
  • मामला कोविड-19 का था। ज्योति ने पिछले साल ही आवेदन दिया था। मामले की जांच में समय लगा, क्योंकि दस्तावेजों को कलेक्ट करना था। लेकिन उसे पेंशन देने में सफल रहे। यदि कोई भी प्रायवेट कर्मचारी जिसकी मौत काम करने के दौरान हुई हो, तो उसके स्वजन कभी भी पेंशन के लिए उनके यहां दावा कर सकते हैं। उनका संगठन हर संभव प्रयास करेगा। - देवकिशन, शाखा प्रबंधक, ईएसआइ फालका बाजार ग्वालियर