LNIPE में 14वें दिन आंदोलन तेज, 4 छात्र भूख हड़ताल पर बैठे; कुलपति की गाड़ी का घेराव
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि 13 दिन तक शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के बावजूद प्रबंधन की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 09:42:31 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 09:45:16 PM (IST)
एलएनआईपीई के गेट पर प्रदर्शन करते छात्र। नईदुनियाHighLights
- 6 सूत्रीय मांगों की अनदेखी का आरोप
- प्रबंधन से वार्ता विफल, 4 छात्रों का अनशन शुरू
- एडमिन ब्लॉक में प्रदर्शन, VC की गाड़ी लौटी वापस
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) में छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 14वें दिन भी जारी रहा। गुवाहाटी परिसर की छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के बाद शुरू हुआ आंदोलन अब और तेज हो गया है। आठ सितंबर से संस्थान के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मंगलवार को प्रबंधन पर छह सूत्रीय मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी। चार छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
छात्रों की मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि 13 दिन तक शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के बावजूद प्रबंधन की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
छात्रों के अनुसार, इस दौरान वे लगातार प्रबंधन से बातचीत कर समाधान निकालने की मांग करते रहे, लेकिन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
आंदोलन में शामिल पीएचडी छात्रों का आरोप है कि संस्थान प्रबंधन छात्रों के प्रदर्शन को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
चार छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू की
उनका कहना है कि प्रबंधन केवल आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराना चाहता है, जबकि छात्रों की मूल मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा। छात्रों ने बताया कि मांगों का समाधान नहीं होने के कारण चार छात्रों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कोई ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन में शामिल अन्य छात्र भी भूख हड़ताल में शामिल हो सकते हैं।
एडमिन ब्लॉक में नारेबाजी, कुलपति की गाड़ी लौटी
मंगलवार को आंदोलनकारी छात्रों का एक समूह नारेबाजी करते हुए एडमिन ब्लॉक पहुंचा। बड़ी संख्या में छात्र प्रबंधन कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान कुलपति की गाड़ी वहां से गुजर रही थी। छात्रों ने रास्ते में बैठकर प्रदर्शन करने का प्रयास किया। छात्रों की भीड़ देखकर कुलपति की गाड़ी पीछे लौट गई और वहां से चली गई। इस दौरान परिसर में कुछ देर तनाव की स्थिति बनी रही।