ग्वालियर-चंबल में बड़ा इंश्योरेंस घोटाला : पुरानी तस्वीरों और फर्जी बिलों से 411 बीमा क्लेम पास, हड़पे 4.30 करोड़ रुपये
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ज्यादातर मारुति और हुंडई जैसी कंपनियों के 'आटो-टाई अप' पॉलिसियों को निशाना बनाया।
Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 10:07:30 AM (IST)Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 11:07:01 AM (IST)
एआई से बना चित्र।HighLights
- डिजिटल खामियों का उठाया फायदा
- 'द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी' की शिकायत पर दो भाइयों सहित तीन पर केस दर्ज
- सीबीआई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी. मोरे मामले की कर रहे हैं जांच
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल में वाहनों के 411 फर्जी एक्सीडेंट क्लेम के नाम पर राशि हड़पने वाले बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। सरकारी क्षेत्र की कंपनी 'द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड' के साथ 4.30 करोड़ रुपये के घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ), भोपाल ने ग्वालियर के दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।
कई अज्ञात सरकारी कर्मचारियों व निजी व्यक्तियों को भी इसमें शामिल किया है। कार्रवाई कंपनी के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय के उप महाप्रबंधक मयंक कुमार झा की लिखित शिकायत और आंतरिक जांच रिपोर्ट के बाद की गई है। सीबीआई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद डी. मोरे को इस मामले की जांच सौंपी गई है।
ऑनलाइन पोर्टल और ऑटो टाई-अप का उठाया फायदा
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ज्यादातर मारुति और हुंडई जैसी कंपनियों के 'ऑटो-टाई अप' पॉलिसियों को निशाना बनाया। इसके अलावा पालिसी बाजार और क्विकइंश्योर जैसे ऑनलाइन इंश्योरेंस ब्रोकर पोर्टल्स के माध्यम से जारी पॉलिसियों में डिजिटल खामियों का फायदा उठाकर ये क्लेम दर्ज किए गए।
ये हैं आरोपी
- अवधेश परमार (निवासी: सिद्धेश्वर नगर, नदी पार टाल, मुरार, ग्वालियर) – इसने पांच वाहनों पर 47.26 लाख रुपये के 31 फर्जी दावे कर भुगतान लिया।
- शैलेंद्र सिंह परमार (अवधेश का भाई, निवासी: आदर्श कालोनी, गोला का मंदिर, ग्वालियर) – इसने दो वाहनों पर 24.62 लाख रुपये के 16 फर्जी दावे कर भुगतान पास कराए।
- मनराज प्रजापति (निवासी: नरसिंह नगर, चार शहर का नाका, ग्वालियर) – इसने एक वाहन पर 8.15 लाख रुपये के 8 संदिग्ध क्लेम हासिल किए।