

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के लगभग हर जिले और संभाग जैसे रीवा, सतना, इंदौर और भोपाल में उद्यानिकी विभाग की सरकारी पौधशालाएं यानी नर्सरी संचालित हैं, जहां उन्नत किस्म के फलदार, फूलदार और सब्जी वाले पौधे तैयार किए जाते हैं। लेकिन ग्वालियर के खुरेरी में आकार ले रही नई हाइटेक नर्सरी पूरे प्रदेश में अपनी तरह की अनूठी और सबसे अलग होगी। यह न केवल पौधे तैयार करने का जरिया बनेगी, बल्कि इसे एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।
उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र विकास योजना के तहत लगभग 49 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से खुरेरी में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। वर्तमान में इसके प्रथम चरण का निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिसके लिए 14 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है।
खुरेरी हाइटेक नर्सरी को खासतौर पर अंचल के किसानों को इजराइली और आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से डिजाइन किया जा रहा है। यहां एक समय में 50 से अधिक किसानों को एक साथ प्रशिक्षित करने के लिए आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-विजुअल सुविधाओं से लैस क्लासरूम तैयार किए जा रहे हैं। दूर-दराज के जिलों और ग्रामीण अंचलों से आने वाले किसानों के रुकने के लिए नर्सरी परिसर के भीतर ही सर्वसुविधायुक्त हॉस्टल व आवास का निर्माण किया जा रहा है।
नर्सरी में ऑटोमेटेड ग्रीनहाउस, पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस होंगे, जहां टिशू कल्चर और ग्राफ्टिंग की आधुनिक विधियों से बीमारियों से मुक्त पौधे तैयार किए जाएंगे। जिससे इन्हें खरीदने वाले लोगों को उन्नत किस्म के पौधे मिलें जिससे उन्हें अच्छा उत्पादन मिल सके। साथ ही इस नर्सरी में ऑनलाइन पौधे बेचने की सुविधा दी जाएगी।
ग्वालियर की यह हाइटेक नर्सरी केवल कृषि और उद्यानिकी तक सीमित न रहकर एग्रो-टूरिज्म यानी कृषि पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में भी उभरेगी।
यह हाइटेक नर्सरी न केवल ग्वालियर जिले को मध्यप्रदेश के उद्यानिकी मानचित्र पर एक नई विशिष्ट पहचान दिलाएगी, बल्कि इससे चंबल और ग्वालियर संभाग के किसानों की आय बढ़ाने में भी बड़ी मदद मिलेगी। स्थानीय किसानों को उन्नत किस्म के फल-सब्जियों के पौधे रियायती दरों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे उन्हें दूसरे राज्यों या दूरस्थ जिलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
खुरेरी में हाइटेक नर्सरी बनाने का काम शुरू हो गया है। इसे हाइटेक फ्लोरीकल्चर नर्सरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही यहां पर किसानों का प्रशिक्षण होगा। साथ ही यहां आने वाले सैलानी भी देख सकें कि उन्नत किस्म के पौधे किस तरह तैयार किए जाते हैं। तय समय में नर्सरी का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। - एमपीएस बुंदेला, सहायक संचालक, उद्यानिकी विभाग