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ग्वालियर के खुरेरी में बनेगी MP की पहली हाइटेक नर्सरी... ₹49 करोड़ की लागत से विकसित होगा एग्रो-टूरिज्म हब

मध्य प्रदेश के लगभग हर जिले और संभाग जैसे रीवा, सतना, इंदौर और भोपाल में उद्यानिकी विभाग की सरकारी पौधशालाएं यानी नर्सरी संचालित हैं, जहां उन्नत किस्म...और पढ़ें

By Anil TomarEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 16 Aug 2026 06:17:10 PM (IST)Updated Date: Sun, 16 Aug 2026 06:17:10 PM (IST)
ग्वालियर के खुरेरी में बनेगी MP की पहली हाइटेक नर्सरी... ₹49 करोड़ की लागत से विकसित होगा एग्रो-टूरिज्म हब
ग्वालियर के खुरेरी में बनेगी MP की पहली हाइटेक नर्सरी

HighLights

  1. ₹49 करोड़ की लागत से खुरेरी में बनेगी हाइटेक नर्सरी
  2. इजराइली तकनीक और किसानों के लिए बनेगा हॉस्टल व क्लासरूम
  3. एग्रो-टूरिज्म, बटरफ्लाई पार्क और औषधीय उद्यान का होगा निर्माण

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के लगभग हर जिले और संभाग जैसे रीवा, सतना, इंदौर और भोपाल में उद्यानिकी विभाग की सरकारी पौधशालाएं यानी नर्सरी संचालित हैं, जहां उन्नत किस्म के फलदार, फूलदार और सब्जी वाले पौधे तैयार किए जाते हैं। लेकिन ग्वालियर के खुरेरी में आकार ले रही नई हाइटेक नर्सरी पूरे प्रदेश में अपनी तरह की अनूठी और सबसे अलग होगी। यह न केवल पौधे तैयार करने का जरिया बनेगी, बल्कि इसे एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।

उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र विकास योजना के तहत लगभग 49 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से खुरेरी में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। वर्तमान में इसके प्रथम चरण का निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिसके लिए 14 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है।


किसानों के लिए आवासीय प्रशिक्षण और आधुनिक क्लासरूम

खुरेरी हाइटेक नर्सरी को खासतौर पर अंचल के किसानों को इजराइली और आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से डिजाइन किया जा रहा है। यहां एक समय में 50 से अधिक किसानों को एक साथ प्रशिक्षित करने के लिए आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-विजुअल सुविधाओं से लैस क्लासरूम तैयार किए जा रहे हैं। दूर-दराज के जिलों और ग्रामीण अंचलों से आने वाले किसानों के रुकने के लिए नर्सरी परिसर के भीतर ही सर्वसुविधायुक्त हॉस्टल व आवास का निर्माण किया जा रहा है।

उन्नत पौध तैयार करने की तकनीक

नर्सरी में ऑटोमेटेड ग्रीनहाउस, पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस होंगे, जहां टिशू कल्चर और ग्राफ्टिंग की आधुनिक विधियों से बीमारियों से मुक्त पौधे तैयार किए जाएंगे। जिससे इन्हें खरीदने वाले लोगों को उन्नत किस्म के पौधे मिलें जिससे उन्हें अच्छा उत्पादन मिल सके। साथ ही इस नर्सरी में ऑनलाइन पौधे बेचने की सुविधा दी जाएगी।

एग्रो-टूरिज्म और इको-पर्यटन का मुख्य आकर्षण

ग्वालियर की यह हाइटेक नर्सरी केवल कृषि और उद्यानिकी तक सीमित न रहकर एग्रो-टूरिज्म यानी कृषि पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में भी उभरेगी।

  • लैंडस्केपिंग व गार्डनिंग: पर्यटकों और आम नागरिकों के लिए आकर्षक लैंडस्केपिंग, बटरफ्लाई पार्क और औषधीय उद्यान बनाए जाएंगे।
  • पर्यटन सुविधाएं: सप्ताहांत पर आने वाले परिवारों के लिए वॉकिंग ट्रैक, कैफ़ेटेरिया और बच्चों के लिए प्ले-एरिया विकसित किया जाएगा।
  • लाइव डेमोंस्ट्रेशन: आने वाले पर्यटक और छात्र यहां आधुनिक खेती, ड्रिप इरिगेशन और वर्टिकल फार्मिंग का प्रत्यक्ष अनुभव ले सकेंगे।

ग्वालियर और अंचल को मिलेंगे बहुआयामी लाभ

यह हाइटेक नर्सरी न केवल ग्वालियर जिले को मध्यप्रदेश के उद्यानिकी मानचित्र पर एक नई विशिष्ट पहचान दिलाएगी, बल्कि इससे चंबल और ग्वालियर संभाग के किसानों की आय बढ़ाने में भी बड़ी मदद मिलेगी। स्थानीय किसानों को उन्नत किस्म के फल-सब्जियों के पौधे रियायती दरों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे उन्हें दूसरे राज्यों या दूरस्थ जिलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

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खुरेरी में हाइटेक नर्सरी बनाने का काम शुरू हो गया है। इसे हाइटेक फ्लोरीकल्चर नर्सरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही यहां पर किसानों का प्रशिक्षण होगा। साथ ही यहां आने वाले सैलानी भी देख सकें कि उन्नत किस्म के पौधे किस तरह तैयार किए जाते हैं। तय समय में नर्सरी का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। - एमपीएस बुंदेला, सहायक संचालक, उद्यानिकी विभाग