'पति नहीं, प्रेमी के साथ रहूंगी...', ग्वालियर हाईकोर्ट में छह महीने की गर्भवती महिला ने बॉयफ्रेंड के साथ रहने की जताई इच्छा
ग्वालियर हाईकोर्ट में एक महिला ने पति के साथ रहने से इनकार करते हुए अपने प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 24 Mar 2026 08:56:10 AM (IST)Updated Date: Tue, 24 Mar 2026 08:56:10 AM (IST)
महिला ने प्रेमी संग रहने की इच्छा जताई (AI Generated Image)HighLights
- कोर्ट ने महिला को बालिग मानकर स्वतंत्रता दी
- पति ने गर्भवती पत्नी को अपनाने की बात कही
- याचिका खारिज, कानूनी समाधान की सलाह दी
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर: MP हाईकोर्ट में सोमवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को चौंका दिया। यह मामला संदीप द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को संदीप जाटव जबरन अपने पास रखे हुए है। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने महिला को पेश करने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट में महिला का बयान
सुनवाई के दौरान महिला स्वयं कोर्ट में उपस्थित हुई और स्पष्ट रूप से बताया कि वह बालिग है। उसने कहा कि उसकी शादी 4 मई 2023 को संदीप से हुई थी, लेकिन यह विवाह उसकी इच्छा के विरुद्ध हुआ था। इसी कारण वह अब अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती। महिला ने यह भी बताया कि वह 27 फरवरी से संदीप जाटव के साथ रह रही है और उसी के साथ अपना जीवन बिताना चाहती है।
पति और प्रेमी के तर्क
महिला के पति ने कोर्ट को जानकारी दी कि उसकी पत्नी छह महीने की गर्भवती है और वह उसे अपनाने के लिए तैयार है। इसके बावजूद महिला ने पति के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। वहीं, संदीप जाटव ने कोर्ट में कहा कि वह महिला से विवाह करने के लिए तैयार है और बच्चे को भी अपनाने की जिम्मेदारी लेगा।
कोर्ट का फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने स्पष्ट किया कि महिला बालिग है और उसे अपनी मर्जी से रहने का पूरा अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि यह मामला जबरन साथ रखने का नहीं है।
याचिका खारिज, समाधान की सलाह
अंत में कोर्ट ने संदीप की याचिका को समाप्त कर दिया और दोनों पक्षों को सलाह दी कि वे आपसी बातचीत या कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से अपने विवाद का समाधान करें। कोर्ट ने महिला को उसकी इच्छा के अनुसार रहने की स्वतंत्रता प्रदान कर दी।