• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर

हाईवे हादसों पर लगेगी लगाम: ग्वालियर में बनेगी SOP, एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट और ई-चालान से होगी निगरानी

SOP के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग के कैरिज-वे या पक्के शोल्डर पर किसी भी भारी या व्यावसायिक वाहन को खड़ा करने या रोकने की अनुमति नहीं होगी।

By Varun SharmaEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Sat, 26 Sep 2026 04:33:19 PM (IST)Updated Date: Sat, 26 Sep 2026 04:34:07 PM (IST)
हाईवे हादसों पर लगेगी लगाम: ग्वालियर में बनेगी SOP, एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट और ई-चालान से होगी निगरानी

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख
  2. हाईवे पर सख्त पहरा
  3. तकनीक से निगरानी

वरुण शर्मा, नईदुनिया, ग्वालियर। हाईवे पर जानलेवा सड़क हादसों को रोकने के लिए अब प्रदेश के जिलों में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जा रही है। इसमें एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS), जीपीएस और ई-चालान के जरिए हाईवे की निगरानी से लेकर अवैध पार्किंग पर कार्रवाई तक की व्यवस्था रहेगी। ग्वालियर में जिला प्रशासन और पुलिस ने SOP तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। पुलिस ने इस संबंध में एडीएम ग्वालियर को पत्र भी भेजा है।

भारी वाहनों की अवैध पार्किंग पर ई-चालान से होगी निगरानी

SOP के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग के कैरिज-वे या पक्के शोल्डर पर किसी भी भारी या व्यावसायिक वाहन को खड़ा करने या रोकने की अनुमति नहीं होगी। केवल ले-बाय या मार्ग के किनारे निर्धारित सुविधाओं वाले स्थानों पर ही वाहन रोके जा सकेंगे। नियम तोड़ने वालों पर ई-चालान के जरिए कार्रवाई की जाएगी। हाइवे की निगरानी और अवैध पार्किंग रोकने के लिए राज्य पुलिस और परिवहन विभाग की हाइवे निगरानी पेट्रोलिंग टीमें भी गठित की जाएंगी।


ये टीमें एनएचएआइ के 24 घंटे चलने वाले पेट्रोलिंग वाहनों के अतिरिक्त होंगी और अधिकतम 50 किलोमीटर के अंतराल पर तैनात की जाएंगी। सभी पेट्रोलिंग वाहनों में वाहन ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य होगा। निगरानी व्यवस्था में एटीएमएस और जीपीएस का इस्तेमाल किया जाएगा।

34 मौत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने लिया था स्वतः संज्ञान

राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के रंगारेड्डी जिलों में 2 और 3 नवंबर 2025 को लगातार हुए सड़क हादसों में 34 लोगों की मौत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 10 नवंबर 2025 को मामले में स्वतः संज्ञान लिया था।

न्यायालय ने इन घटनाओं को रोकने योग्य बताते हुए सड़क सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासनिक लापरवाही और बुनियादी ढांचे की कमियों को गंभीरता से लिया। सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा को नागरिकों के जीवन के अधिकार से जोड़ते हुए संबंधित प्राधिकरणों को अपनी वैधानिक जिम्मेदारियां निभाने पर जोर दिया।

इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध पार्किंग, सड़क किनारे की गतिविधियों और निगरानी व्यवस्था को लेकर राज्यों में कार्रवाई और मानक प्रक्रिया तैयार करने की कवायद तेज हुई।

एनएचएआई, पुलिस और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी तय

एसओपी के क्रियान्वयन में एनएचएआई, राज्य पुलिस और परिवहन विभाग की भूमिका तय की जा रही है। एनएचएआई के पेट्रोलिंग वाहनों के साथ पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें हाइवे पर निगरानी रखेंगी। इन टीमों को अवैध पार्किंग, सड़क पर खड़े भारी वाहनों और यातायात में बाधा बनने वाली गतिविधियों की पहचान कर कार्रवाई करनी होगी।

ग्वालियर में तैयार होने वाली एसओपी में स्थानीय हाईवे, दुर्घटना संभावित स्थानों, पेट्रोलिंग व्यवस्था और कार्रवाई की प्रक्रिया को शामिल किया जाएगा। इससे हादसे के बाद कार्रवाई के बजाय जोखिम वाले स्थानों और यातायात उल्लंघनों की पहले से निगरानी करने पर जोर रहेगा।