
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गजराराजा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल के बैकअप जनरेटरों में पिछले तीन दिनों से आई तकनीकी खराबी के कारण बड़े ऑपरेशन टालने पड़ रहे हैं।
बिजली गुल होने की स्थिति में जनरेटरों का बैकअप न मिलने के डर से डॉक्टर दो से तीन घंटे चलने वाले जटिल (मेजर) ऑपरेशन हाथ में लेने से कतरा रहे हैं। जनरेटरों की खराबी का सबसे ज्यादा असर पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग (बाल्य शल्य चिकित्सा) में देखने को मिला है। यहां भर्ती एक मासूम बच्चे का बड़ा ऑपरेशन पिछले तीन दिनों से लगातार टाला जा रहा है।
डाक्टरों ने हा कि ऑपरेशन लंबा है। इस दौरान अगर मेन लाइन की बिजली कटी तो जनरेटर काम नहीं करेगा। ऐसे में वेंटिलेटर और अन्य जीवन रक्षक उपकरण बंद होने का खतरा है, जो बच्चे की जानलेवा साबित हो सकता है। मजबूरी में चिकित्सक केवल 15 से 30 मिनट में होने वाले छोटे (माइनर) ऑपरेशन ही कर पा रहे हैं। रोजाना होने वाले चार से पांच मेजर ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में यूरोलाजी, नेफ्रोलाजी और बच्चों की सर्जरी जैसे विभाग हैं, जहां हर सेकंड मरीजों की जिंदगी दांव पर होती है। ऐसे संवेदनशील संस्थान में पिछले 72 घंटों से जनरेटरों का खराब होना अस्पताल प्रबंधन की मेंटेनेंस व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
दूर-दराज के गांवों और जिलों से आए मरीजों को आपरेशन के लिए खाली पेट रखा जाता है और दोपहर में जनरेटर का हवाला देकर अगले दिन आने को कह दिया जाता है। आपरेशन टलने से मरीजों का अस्पताल में रुकने का खर्च बढ़ता जा रहा है। संबंधित एजेंसी द्वारा जनरेटरों में आई तकनीकी दिक्कत को दुरस्त किया जा रहा है, जल्द ही जनरेटर का बैकअप मिलने लगेगा। डॉ. दिलीप गर्ग, प्रभारी, अधीक्षक, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल