ग्वालियर में कछुआ चाल पर थाटीपुर प्रोजेक्ट, अतिक्रमण नहीं हटने से पानी और सीवर लाइन का काम अटका
थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना अतिक्रमण के कारण धीमी पड़ गई है। दो आवास अब तक खाली नहीं हुए हैं, जिससे पानी और सीवर लाइन का काम प्रभावित हो रहा है। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 15 May 2026 09:48:01 AM (IST)Updated Date: Fri, 15 May 2026 09:48:01 AM (IST)
ग्वालियर में कछुआ चाल पर थाटीपुर प्रोजेक्ट। (फाइल फोटो)HighLights
- थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना अतिक्रमण हटाने में लगातार पिछड़ रही है।
- दो आवास अब तक प्रशासन खाली नहीं करा पाया है।
- अजाक्स कार्यालय और पूर्व शिक्षक का कब्जा अभी बरकरार है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर की बहुप्रतीक्षित थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना अतिक्रमण और प्रशासनिक ढिलाई के कारण कछुआ चाल से आगे बढ़ रही है। कुछ दिनों पहले प्रशासन ने यहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन अब तक सभी आवास खाली नहीं कराए जा सके हैं।
अधिकारियों द्वारा सात दिन का समय दिए जाने के बाद भी पूर्व शिक्षक जबर सिंह अग्र और अजाक्स संगठन का कब्जा बना हुआ है। इससे पानी और सीवर लाइन डालने जैसे महत्वपूर्ण कार्य अटक गए हैं। हाउसिंग बोर्ड और प्रशासनिक अधिकारियों की सख्ती का भी असर दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे परियोजना की गति प्रभावित हो रही है।
दो आवास अब तक नहीं हुए खाली
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कई अतिक्रमण हटाए गए थे, लेकिन दो प्रमुख आवास अब तक खाली नहीं हो सके हैं। महिला पुलिस अधिकारी ने निर्धारित समय के भीतर आवास खाली कर दिया, लेकिन पूर्व शिक्षक जबर सिंह अग्र अब भी कब्जा जमाए हुए हैं। इसके अलावा एफ-6 स्थित अजाक्स संगठन का कार्यालय भी यथावत बना हुआ है।
पानी और सीवर लाइन का काम अटका
अतिक्रमण के कारण परियोजना के कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। जिन स्थानों पर पानी और सीवर लाइन डाली जानी है, वहां कब्जों के चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इससे पूरी योजना की समयसीमा प्रभावित होने लगी है।
सांसद ने किया था निरीक्षण
कुछ समय पहले सांसद भारत सिंह कुशवाह ने परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन और हाउसिंग बोर्ड की संयुक्त टीम बनाई गई थी, ताकि अतिक्रमण हटाकर परियोजना को गति दी जा सके।
प्रशासनिक सख्ती भी बेअसर
हाउसिंग बोर्ड और जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग दिखाई दे रही है। कब्जाधारियों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से योजना की प्रगति धीमी बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही शेष अतिक्रमण हटाकर परियोजना कार्य में तेजी लाई जाएगी।