ग्वालियर में सोशल मीडिया पर अवैध कॉलोनियों का 'मायाजाल', सस्ते प्लॉट के नाम पर ठगी का खेल; सुस्त पड़ा नगर निगम का डंडा
ग्वालियर में अवैध कालोनियों का जाल शहरी क्षेत्र में जितनी तेजी से बढ़ता जा रहा है उतनी की नगर निगम की मानीटरिंग सुस्त है। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 11 May 2026 08:05:41 AM (IST)Updated Date: Mon, 11 May 2026 10:17:42 AM (IST)
इंटरनेट मीडिया पर चल रहे अवैध कालोनी के विज्ञापन। सोशल मीडियाHighLights
- जिले में अवैध कालोानियों पर कार्रवाई के सिस्टम पर ब्रेक
- पुरानी छावनी से मुरार तक धड़ल्ले से चल रही अवैध प्लाटिंग
- ग्वालियर नगर निगम की प्राथमिकता ही नहीं
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर में सोशल मीडिया पर अवैध कालोनियों का मायाजाल फैल चुका है। कम कीमत और अधिक सुविधाओं का लालच देकर शासन के नियमों पर खरी न उतरने वाली इन अवैध कालोनियों के जाल में लोग फंस रहे हैं। खेत और मैदान सस्ते दामों में एग्रीमेंट से लिया और प्लाटिंग शुरू कर दी।
फार्म-फोर अप्रूव्ड कालोनी लिखकर ब्रांडिंग
सड़क, सीवर और बिजली पानी की क्या व्यवस्था होगी, कुछ पता नहीं होता और अवैध कालोनी को नाम देकर सोशल मीडिया फेसबुक-इंस्टाग्राम आदि पर ब्रांडिंग शुरू कर दी जाती है। सबसे खास बात कि फार्म-फोर अप्रूव्ड कालोनी लिखा जाता है जबकि कहीं कोई स्वीकृति हकीकत में नहीं होती है।
ग्वालियर में अवैध कालोनियों का जाल शहरी क्षेत्र में जितनी तेजी से बढ़ता जा रहा है उतनी की नगर निगम की मानीटरिंग सुस्त है। नगर निगम को ऊंगलियों पर गिनने लायक अवैध कालोनी मिली और कार्रवाई दिखा दी गई, हकीकत में अवैध कालोनी बसाने वाला माफिया दिनोंदिन काम में लगा और कार्रवाई ही नहीं हो रही है।
बता दें कि ग्वालियर में अवैध कालोनियों का बड़ा नेटवर्क है। अवैध कालोनियों को लेकर शहर में कार्रवाई का अधिकारी नगर निगम के पास है और ग्रामीण क्षेत्र में राजस्व विभाग कार्रवाई करता है। शहरी क्षेत्र में अवैध कालोनियों को लेकर कार्रवाई अब बंद जैसी हो गई है। अवैध कालोनियों पर शहरी क्षेत्र में कार्रवाई न होने का सबसे बड़ा फायदा अवैध कालोनी बसाने वालो ने उठाया, जिसके बाद से मैदान से लेकर सोशल मीडिया तक जमकर अवैध कालोनियों की ब्रांडिंग की जा रही है और सिस्टम चुप्पी साधे हुए बैठा है।
इंटरनेट मीडिया पर सस्ते प्लाट का झांसा
अवैध कालोनियों को बसाने वाले सबसे पहले सस्ते प्लाट का झांसा देते हैं और सबसे कम कीमत में उपलब्ध कराने का दावा करते हुए ग्राहकों को फंसाया जाता है। मौके पर कोई सुविधा नहीं होती है और न ही रेरा से लेकर अन्य एजेंसियों की स्वीकृति होती है।
नौजवान युवक युवतियों को सोशल मीडिया पर ब्रांडिंग के लिए रख लिया जाता है जिन्हें खुद भी नहीं पता होता कि वे अवैध कालोनी में लोगों को प्लाट खरीदने के लिए लुभावना आफर दे रहे हैं। जो लोग एडवांस दे देते हैं फिर वे लंबे समय के लिए फंस जाते हैं और बिल्डर चक्कर लगवाता रहता है।
यह शहर के चर्चित स्थान, जहां हो रही धड़ाधड़ प्लाटिंग
- पुरानी छावनी थाने के सामने 100 बीघा के लगभग जमीन पर प्लाटिंग की जा रही है, इस जमीन को लेकर महिला नीरज श्रीवास्तव ने कई शिकायतें व दावा किया है कि यह जमीन पुश्तैनी है और कोर्ट में मामला चल रहा है। यहां बड़े बिल्डरों द्वारा प्लाटिंग की जा रही है। यहां खसरा नंबर 79 से लेकर 131 नंबर तक शिकायतकर्ता के अनुसार कोर्ट में हैं।
- महाराजपुरा-भिंड रोड पर अवैध कालोनियों का कारोबार फल फूल रहा है, यहां जरा जरा सी कालोनियां पांच दस बीघा में ही काटी जा रही हैं।
- बड़ागांव से लेकर खुरैरी व मुरार बेल्ट में जमकर अवैध कालोनियों का कारोबार हो रहा है। निवेश कराने से लेकर खुद के घर का सपना दिखाकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
एडीएम ने कहा... भ्रमित जानकारी देना गलत
शहरी क्षेत्र में अवैध कालोनियों की शिकायतें आती हैं, इनको लेकर नगर निगम कार्रवाई करता है। लोगों को भ्रमित जानकारी देना गलत है, नगर निगम के अधिकारियों से इसको लेकर चर्चा की जाएगी और कार्रवाई कराएंगे।- सीबी प्रसाद, एडीएम,ग्वालियर