
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: केंद्रीय बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर किए गए अहम फैसलों का असर अब ग्वालियर जिले में साफ दिखाई देने लगा है। कैंसर की दवाओं पर आयात शुल्क समाप्त करने और डायबिटीज की दवाओं को सस्ता करने के फैसले से मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। लंबे समय से महंगे इलाज से जूझ रहे हजारों लोगों का आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है।
केंद्रीय बजट 2026 में सरकार द्वारा कैंसर की 17 प्रमुख जीवनरक्षक दवाओं पर आयात शुल्क पूरी तरह हटाने का निर्णय लिया गया है। इसका सीधा लाभ ग्वालियर जिले के मरीजों को मिलेगा। जिले में हर वर्ष 4800 से अधिक नए और पुराने कैंसर मरीज सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंचते हैं। आयात शुल्क समाप्त होने से इन दवाओं की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है, जिससे मरीजों का मासिक इलाज खर्च घटेगा।
बजट में डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के लिए भी राहत भरी घोषणाएं की गई हैं। ग्वालियर जिले की कुल आबादी का लगभग 12 प्रतिशत हिस्सा मधुमेह से पीड़ित है। इंसुलिन और अन्य मधुमेह रोधी दवाओं पर करों में कटौती और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के फैसले से दवाएं सस्ती होंगी। इससे मध्यम वर्गीय परिवारों का हर महीने का दवा खर्च काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
बजट की सबसे बड़ी राहत दुर्लभ और गंभीर बीमारियों से पीड़ित परिवारों को मिली है। जिले में हीमोफिलिया और सिकल सेल एनीमिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सरकार ने सात दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को पूरी तरह ड्यूटी फ्री करने का निर्णय लिया है। इनमें मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गंभीर बीमारी भी शामिल है।
इन फैसलों से मरीजों को लंबे समय तक चलने वाले इलाज में आर्थिक राहत मिलेगी। दवाओं की कीमतें कम होने से इलाज बीच में छोड़ने की मजबूरी भी घटेगी। गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए यह बजट एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
दुर्लभ बीमारियां सात बीमारियों की दवाएं ड्यूटी फ्री आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहतइनका कहना हैकैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाएं विदेशों से आयात होने के कारण बेहद महंगी होती थीं। आयात शुल्क हटने से गजराराजा मेडिकल कालेज और अन्य अस्पतालों में आने वाले मरीजों को अब ये दवाएं कम कीमत पर उपलब्ध हो सकेंगी।
-डा. अक्षय निगम, विभागाध्यक्ष, आन्कोलाजी विभाग, जेएएच।
डायबिटीज ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज को जीवनभर दवाओं की जरूरत पड़ती है। दवाओं के सस्ता होने से इलाज का कुल खर्च काफी कम हो जाएगा।
-डा. नीतेश मुदगल, एमडी मेडिसिन, जिला अस्पताल, मुरार।