एसडीएम की फॉर्च्यूनर दिलाने का झांसा देकर वृंदावन के कथावाचक से 23 लाख की ठगी, FIR दर्ज
MP News: वृंदावन के कथावाचक को फॉर्च्यूनर दिलाने का झांसा देकर 23 लाख रुपये की ठगी की गई है। ठगी करने वाला ग्वालियर के सिटी सेंटर का रहने वाला है। वह ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 04 Feb 2026 09:36:11 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Feb 2026 09:36:11 PM (IST)
एसडीएम की फॉर्च्यूनर दिलाने का झांसा देकर वृंदावन के कथावाचक से 23 लाख की ठगी (सांकेतिक तस्वीर)नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। वृंदावन के कथावाचक को फॉर्च्यूनर दिलाने का झांसा देकर 23 लाख रुपये की ठगी की गई है। ठगी करने वाला ग्वालियर के सिटी सेंटर का रहने वाला है। वह कथावाचक से कई सालों से संपर्क में था। 35 लाख रुपये में एसडीएम की फॉर्च्यूनर दिलाने का झांसा दिया था। कथावाचक को न तो गाड़ी दिलाई और रुपये मांगने पर धमकाने लगा। कथावाचक की शिकायत के बाद यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। अब आरोपित को गिरफ्तार किया जाएगा।
वृंदावन में वंशीवट स्थित धीर-समीर परिक्रमा मार्ग पर निर्मोही अखाड़ा निवासी कथावाचक स्वामी धन्वंतरिदास का परिचय कई सालों से ग्वालियर के सिटी सेंटर में एनजी क्राउन अपार्टमेंट में रहने वाले संजय त्रिपाठी उर्फ रामेश्वरदास से था। संजय वृंदावन जाता रहता था और हर बार कथावाचक से मुलाकात होती थी। कथावाचक को अपने के लिए गाड़ी चाहिए थी। संजय ने कहा कि एक एसडीएम उसके दोस्त हैं। वह अपनी फॉर्च्यूनर बेच रहे हैं। 50 लाख रुपये कीमत की गाड़ी महज 35 लाख रुपये में मिल जाएगी। गाड़ी के फोटो भेजे।
कथावाचक दे चुका था 23 लाख रुपये
इसके बाद पिछले साल मई माह में 11 लाख रुपये नकद व 12 लाख रुपये बैंक खाते में दिए। शेष 12 लाख रुपये गाड़ी की डिलीवरी पर देना तय हुआ। करीब एक महीने तक जब गाड़ी नहीं मिली तो कथावाचक ने संपर्क किया। इसके बाद कई बार गाड़ी के लिए कहा लेकिन हर बार संजय टाल देता था।
जब कथावाचक को लगा कि अब गाड़ी नहीं मिलेगी तो रुपए वापस मांगे। इस पर संजय ने धमकाना ही शुरू कर दिया। परेशान होकर करीब एक माह पहले कथावाचक द्वारा पुलिस से शिकायत की गई।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज की एफआईआर
शिकायती आवेदन की जांच के बाद यूनिवर्सिटी थाने में संजय त्रिपाठी के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई। कथावाचक बोले-मेरे पास रिकार्डिंग और बैंक स्टेटमेंट कथावाचक ने बताया कि उनके पास सारे सबूत हैं। संजय की कॉल रिकॉर्डिंग है। जिसमें वह रुपये लेना स्वीकार कर रहा है। बैंक स्टेटमेंट भी है।