जिस घर से उठनी थी बहन की डोली, वहां से उठी भाई की अर्थी; हरदा में कंरट लगने से शादी की तैयारियां कर रहा युवक काल के गाल में समाया
जामन्याकला गांव में करंट लगने से 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई। शुक्रवार को घर में बहन की बारात आनी थी। सभी लोग खुशियां मना रहे थे तभी यह हादसा हो गया औ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 27 Jun 2026 04:32:30 PM (IST)Updated Date: Sat, 27 Jun 2026 04:32:30 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो।HighLights
- बारात आने से पहले लाइटिंग सुधारते हुए 19 वर्षीय लक्ष्मण कोरकू करंट की चपेट में आ गया
- बिजली का तार पानी भरे गड्ढे में गिरा, जिसे हटाने की कोशिश में युवक की मौत हो गई
- दर्दनाक घटना से पूरे परिवार और गांव में शोक का माहौल है, पुलिस जांच कर रही है
नईदुनिया प्रतिनिधि, हरदा/सिराली। कहते हैं कि वक्त से क्रूर और नियति से निर्मम कोई नहीं होता। जिस घर में शहनाइयों की गूंज थी, मंगल गीत गाए जा रहे थे और हर चेहरा बहन की विदाई की खुशियों से दमक रहा था, वहां अचानक एक ऐसा वज्रपात हुआ कि पूरा गांव आंसुओं के समंदर में डूब गया।
हरदा जिले के सिराली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जामन्याकला में एक दिल को चीर देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ बड़ी बहन की शादी की तैयारियों में जुटे 19 साल के सगे भाई लक्ष्मण कोरकू की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। शुक्रवार को जिस घर में बहन की बारात का स्वागत होना था, वहां से शुक्रवार की सुबह भाई की अर्थी निकली। इस खौफनाक मंजर को देखकर सांत्वना देने पहुंचे ग्रामीणों की भी रूह कांप गई।
उत्साह से भरा था भाई, लाइटिंग सुधारते समय हुआ हादसा
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, जामन्याकला निवासी लक्ष्मण कोरकू (19) अपने दो भाइयों और दो बहनों में दूसरे नंबर का था। शुक्रवार को उसकी बड़ी बहन मनीषा की बारात ग्राम बड़झिरी से आने वाली थी। इकलौती बड़ी बहन की शादी को लेकर लक्ष्मण के पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे थे, वह पूरे उत्साह के साथ घर और आंगन को सजाने में जुटा हुआ था।
गुरुवार शाम करीब पांच बजे जब वह घर में लाइटिंग (बिजली की सजावट) का काम देख रहा था, तभी अचानक मौसम बदल गया। तेज हवा और बारिश के कारण बिजली का एक चालू तार टूटकर पास ही पानी से भरे एक गड्ढे में गिर गया। लक्ष्मण को अंदाजा नहीं था कि मौत वहां जाल बिछाए खड़ी है। जैसे ही उसने उस तार को हटाने की कोशिश की, वह पानी में फैले तेज करंट की चपेट में आ गया और दूर जा गिरा।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। लक्ष्मण को अचेत अवस्था में पहले मगरधा के एक निजी डॉक्टर के पास ले जाया गया, लेकिन हालत बेहद नाजुक होने के कारण उसे तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मगर, अफसोस कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में लक्ष्मण की सांसें टूट चुकी थीं।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अखिल विश्नोई ने बताया कि युवक को जब अस्पताल लाया गया, तो उसकी मौत करीब एक घंटे पहले ही हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में उसके पैर पर करंट लगने के गहरे निशान मिले हैं।
शव को बिना पोस्टमार्टम ले जाने अड़े परिजन
जवान बेटे की अचानक मौत से बदहवास और गहरे सदमे में डूबे परिजन अस्पताल में पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव को वापस घर ले जाने की जिद पर अड़ गए। वे इस कड़वे सच को स्वीकार ही नहीं कर पा रहे थे कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है।
बाद में सिराली पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर बेहद संवेदनशीलता के साथ परिजनों को समझाया और ढांढस बंधाया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम की औपचारिकता पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।