
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जिला प्रशासन द्वारा अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में करीब करोड़ों की जमीन पर विकसित की जा रही 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया। इनकी जानकारी राजस्व अभिलेख (खसरे) में प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। सुनवाई पूरी होने के बाद अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य ने आदेश जारी किए। इस कार्रवाई के बाद इन जमीनों पर खरीदी-बिक्री, प्लॉटिंग और कॉलोनी विकास पर कानूनी शिकंजा कस गया है।
दरअसल कलेक्टर शिवम वर्मा ने जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने अनुभाग में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान जिले के मल्हारगंज और कनाड़िया अनुभाग को छोड़कर आठ अनुभागों से कुल 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी गई।
इन प्रकरणों पर सुनवाई शुरू की गई, जिसमें प्रथम चरण में 21 कॉलोनियों की सुनवाई पूरी होने पर अवैध घोषित करते हुए उनके खसरे के कॉलम-12 में संबंधित प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश जारी हुए।
इन कॉलोनियों में बगैर अनुमति के छोटे-छोटे भूखंड विकसित किए जा रहे थे। अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य ने बताया कि अवैध कॉलोनियों की जांच संबंधित अनुभाग से कराई गई है। जांच के बाद प्रकरण दर्ज कर सुनवाई की गई। इसमें अवैध कॉलोनी के आदेश जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने एसडीएम स्तर पर अवैध कॉलोनाइजरों और भू-स्वामियों की पहचान कर उनके प्रस्ताव अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए थे। सुनवाई के दौरान 21 प्रकरणों में 30 से अधिक भू-स्वामियों की जमीन पर अवैध कॉलोनी विकसित होने की जानकारी सामने आई। अवैध दर्ज होने से भू-स्वामियों की उलझनें बढ़ेंगी।
अब इन जमीनों का वैधानिक उपयोग, प्लॉटों की बिक्री अथवा नई कॉलोनी विकसित करना आसान नहीं होगा। इन कॉलोनियों में करीब 26 हेक्टेयर के करीब जमीन आ रही है। अधिकांश मामले देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, बिचौली हप्सी के जामान्याखुर्द, असरावद खुर्द सहित अन्य क्षेत्रों से जुड़े हैं।
देपालपुर तहसील के ग्राम कालीबिल्लौद में अवधेश चतुर्वेदी, रुखमणीबाई पति शिवराज सिंह, संदीप, पवन, अरुण, राजीव चौधरी, दिलीप पिता बद्रीलाल द्वारा जमीन पर कॉलोनी काटी जा रही थी, जिसको अवैध घोषित किया गया है।
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वहीं बिचौली हप्सी तहसील के ग्राम जामन्याखुर्द में भोला पिता शंकर, जानकीबाई, विनोद जायसवाल, अनीता, महेंद्र सिंह, सूरज धौलियां, राहुल कामदार, राजकुमार भेसारे, वरुण भसीन, नंदकिशोर यादव, सुरेश कुमार भाटिया, रामप्रसाद, सुशीलाबाई, बसंती द्वारा अलग-अलग खसरों पर कॉलोनी काटी जा रही थी।
ग्राम मिर्जापुर में काशीबाई पति मदनलाल धनोतिया, असरावद खुर्द में प्रेमसिंह पिता मोहन, उमरीखेड़ा में राजूबाई पति लक्ष्मण पटेल, मोरोद नेहरू बलवंत, उदेराम, मोहन, कैलाश, राजाराम, असरावद खुर्द में हरपाल सिंह पिता मलकीत सिंह, कैलाद कर्ताल नौ खसरों पर सुभाष इंगले, नितेश वाधवानी, राजेश पंवार द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। सभी को अवैध घोषित कर खसरों में दर्ज किया जाएगा।