
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में बीते चौबीस घंटों के दौरान सड़क हादसों और लापरवाही के दो गंभीर मामले सामने आए हैं। विजयनगर क्षेत्र में जहां एक शराब के नशे में धुत कार चालक ने जमकर तांडव मचाया, वहीं नेमावर रोड पर सिटी बस के गेट पर लटके होने के कारण एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी।
विजयनगर थाना क्षेत्र के सत्यसाईं चौराहे के समीप स्कीम-54 में रात के समय एक सफेद रंग की कार (MP 09 WE 9752) के चालक ने जमकर उत्पात मचाया। बताया जा रहा है कि चालक थाने के ठीक सामने स्थित एक बहुमंजिला इमारत में शराब पार्टी करने के बाद बाहर निकला था। नशे में धुत चालक ने तेज रफ्तार में कार चलाते हुए सबसे पहले एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मारी, जिससे युवक दूर जाकर गिरा और बाल-बाल बचा। इसके बाद भी आरोपित नहीं रुका और उसने एक अन्य कार को टक्कर मार दी।
लगातार दो हादसों के बाद भी बेकाबू कार चालक ने रफ्तार कम नहीं की और अंततः बिल्डर आशीष हिंदूजा की घर के बाहर खड़ी कार में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने घेराबंदी कर आरोपित चालक को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। हालाँकि, इस मामले में पीड़ितों का आरोप है कि जब वे विजयनगर थाने पहुंचे, तो पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करने के बजाय उन पर समझौता करने का दबाव बनाया।
सड़क हादसे की दूसरी दुखद घटना नेमावर रोड पर हुई, जहां एक युवक की चलती सिटी बस से नीचे गिरने के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान राजकुमार पुत्र सुरेश भाई के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, राजकुमार एक अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहा था। वह बस के दरवाजे पर लटका हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब बस परिचालक (कंडक्टर) ने उससे किराया मांगा, तो उसी दौरान संतुलन बिगड़ने से राजकुमार का हाथ छूट गया और वह सड़क पर गिर पड़ा।
सिटी बस हादसे के मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस अब बस चालक और परिचालक की भूमिका की जांच कर रही है कि क्षमता से अधिक सवारी होने या गेट खुला रखने में उनकी क्या लापरवाही थी। दोनों ही घटनाओं ने शहर की यातायात सुरक्षा और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस की सुस्त निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।