

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : मप्र कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता को हरी झंडी मिलने के बाद एक बार फिर इंदौर में 24 घंटे बाजार, दुकानें, माल खोले जाने की संभावना नजर आने लगी है। हालांकि इसे लागू करने के लिए स्थानीय निकाय की अनुशंसा आवश्यक होगी। यही वजह है कि अब इस मुद्दे को लेकर आम सहमति के प्रयास होने लगे हैं।
वैसे देखा जाए तो इंदौर में ऐसे प्रयास चार वर्ष पूर्व ही असफल हो चुके हैं। उस वक्त बीआरटीएस के आसपास के क्षेत्रों में बाजार रात में खुले रखे जाने की अनुमति दी गई थी, हालांकि अव्यवस्था और विरोध के बाद इसे वापस ले लिया गया था। यही वजह है कि इस बार जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आमजन को विश्वास में लेकर नई व्यवस्था को लागू करने का प्रयास किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों का भी मानना है कि किसी भी व्यवस्था को लागू करने से पहले विश्लेषण जरूर है।
15 सितंबर 2022 को एक प्रयोग के रूप में शहर के कुछ हिस्से में बाजारों को रातभर खुला रखने की अनुमति दी गई थी। इस योजना के तहत बीआरटीएस कारिडोर के 11.45 किमी लंबे हिस्से के दोनों ओर 100-100 मीटर के दायरे में आने वाले बाजार, होटल और संस्थानों को खोले रखने की अनुमति दी गई थी। हालांकि सुरक्षा, नशाखोरी और अन्य अव्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों के कारण इस प्रयोग को रोकना पड़ा।
पूरा बाजार खोलने के बजाय सिर्फ उन्हीं दुकानों को 24 घंटे की अनुमति दी जाना चाहिए जो जरूरी है। अब अगर बाजार खुलेंगे तो होटलें खुलेंगी, माल खुलेंगी। जिन आफिसों में नाइट शिफ्ट में काम होता है उन्हें अनुमति दी जाना चाहिए, लेकिन इस बात का सर्वे होना चाहिए कि आवश्यकता कितनी है। बढ़ते हुए शहर के लिए निगरानी जरूरी है। हमें ऐसा सरकारी तंत्री खड़ा करना होगा जो मजबूत हो और व्यवस्था चला सके। -सुमित्रा महाजन, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष
आइटी सेक्टर और निर्यात तेजी से बढ़ रहा है। हमें ईको सिस्टम विकसित करना होगा। बाजार 24 घंटे खुले रहेंगे तो अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। हालांकि यह बात सही है कि हमें पिछले अनुभव से सबक लेते हुए ऐसी व्यवस्था करना होगी कि अव्यवस्था न फैले। जिला प्रशासन, पुलिस को सतर्कता बरतनी होगी। -शंकर लालवानी, सांसद इंदौर
यह संवेदनशील मुद्दा है। जल्द ही इस संबंध में शहर के जनप्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। इसके बाद जो भी आम सहमति होगी उसके हिसाब से निर्णय लेंगे। -पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर
राज्य शासन का जो आदेश होगा उसके अनुसार हम आगे बढ़ेगे। रात्रिकालीन बाजार शुरु करने के लिए पुलिस इंतजाम व अन्य जो भी व्यवस्था जरुरी होगी उसे किया जाएगा। -शिवम वर्मा, कलेक्टर इंदौर
बाजार खुलने और बंद होने का समय व्यापारियों पर छोड़ देना चाहिए। वैसे भी राजवाड़ा और सराफा जैसे बाजार रातभर खुले रखने की परंपरा का गवाह कई दशकों पहले से इंदौर रहा है। बीते दौर में प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण परंपरा टूटी है। व्यापारी खुद सुरक्षा को लेकर सजग रहता है। लिहाजा वह उसी स्थिति में रातभर दुकान खुली रखता है जब व्यापार हो और डर नहीं रहे।त्योहारी सीजन में व्यापार को इसका लाभ मिलेगा। वैसे भी विदेश में 24 घंटे बाजार खुले रहते हैं। ऐसा होता है तो शहर की कानून व्यवस्था की बेहतर स्थिति का संदेश भी दुनिया में प्रसारित होता है। -रमेश खंडेलवाल, अध्यक्ष अहिल्या चेंबर कामर्स
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