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बैग, मोबाइल, ड्रोन मिले लेकिन अद्वैत नहीं, 22 दिन बाद भी शिवगंगे पहाड़ियों में लापता इंजीनियर की तलाश बरकरार

इंदौर के इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय शिवगंगे पहाड़ियों से 22 दिनों से लापता हैं। नौ दिन चले सर्च ऑपरेशन में सामान मिला, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।

By Mukesh MangalEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Sun, 30 Aug 2026 11:36:14 AM (IST)Updated Date: Sun, 30 Aug 2026 11:36:14 AM (IST)
बैग, मोबाइल, ड्रोन मिले लेकिन अद्वैत नहीं, 22 दिन बाद भी शिवगंगे पहाड़ियों में लापता इंजीनियर की तलाश बरकरार
शिवगंगे पहाड़ियों में लापता इंजीनियर की तलाश बरकरार। (सोशल मीडिया)

HighLights

  1. अद्वैत सात अगस्त को शिवगंगे पहाड़ियों पर ट्रैकिंग गया।
  2. 100 से ज्यादा लोगों ने नौ दिन तलाश की।
  3. बैग, मोबाइल, स्वेटर और ड्रोन बरामद हुए।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बेंगलुरु की शिवगंगे पहाड़ियों से लापता इंदौर के 31 वर्षीय इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय का रहस्य 22 दिन बाद भी बरकरार है। सात अगस्त को ट्रैकिंग के लिए शिवगंगे पहाड़ी पर गए अद्वैत का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

पहाड़ी पर नौ दिन तक चले बड़े सर्च ऑपरेशन में 100 से ज्यादा लोगों की टीम ने चप्पा-चप्पा खंगाल दिया। ड्रोन, डाग स्क्वाड, पुलिस, एसडीआरएफ और पहाड़ी पर चढ़ने वाले विशेषज्ञों की मदद ली गई, लेकिन अद्वैत नहीं मिला। इसके बाद करीब 16-17 अगस्त को सर्च ऑपरेशन रोक दिया।


लास्ट टाइम मंगेतर से हुई थी बात

अद्वैत बेंगलुरु में एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था। 7 अगस्त को वह किराए की स्कूटर से शिवगंगे पहाड़ियों की तलहटी पहुंचा और अकेले ट्रैकिंग के लिए पहाड़ी की ओर गया। सीसीटीवी फुटेज में उसे पहाड़ी की तरफ जाते हुए देखा गया था। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। बताया गया है कि ट्रैकिंग पर निकलने से पहले उसने अपनी मंगेतर से भी बात की थी और लौटने की बात कही थी।

सामान मिला, लेकिन अद्वैत नहीं

  • तलाशी के दौरान पुलिस को अलग-अलग स्थानों से अद्वैत का बैग, स्वेटर, मोबाइल और ड्रोन मिला। जिस स्थान के आसपास मोबाइल और ड्रोन मिले, उसके करीब दो किलोमीटर के दायरे में भी बड़े स्तर पर तलाश की गई। पहाड़ी के खतरनाक ढलानों और चट्टानों तक टीम पहुंची, लेकिन वहां भी अद्वैत का कोई पता नहीं चला। उसकी किराए की स्कूटर भी पुलिस ने बरामद कर ली थी।

  • अद्वैत की तलाश में 'स्पाइडर मैन' के नाम से चर्चित पर्वतारोही ज्योति राज की टीम को भी लगाया था। करीब 4500 फीट ऊंची शिवगंगे पहाड़ी की सीधी चट्टानों और दुर्गम हिस्सों में भी खोजबीन की गई। खराब मौसम और फिसलन के बावजूद टीमों ने अभियान चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
  • हादसा, आत्महत्या या कुछ और?

    • पहाड़ी पर लंबी तलाश के बाद भी अद्वैत का नहीं मिलना पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। शुरुआत में आशंका थी कि वह पहाड़ी से गिर गया होगा। हालांकि, लगातार तलाश के बावजूद शव या कोई अन्य ठोस सुराग नहीं मिलने से यह संभावना भी सवालों के घेरे में है।
    • जांच के दौरान अद्वैत के लैपटाप की सर्च हिस्ट्री में पहाड़ी की ऊंचाई और ऊंचाई से गिरने से मौत से संबंधित खोज की जानकारी सामने आई थी। इसके आधार पर आत्महत्या के एंगल से भी जांच हुई। हालांकि, बाद में पुलिस ने जांच का रुख दूसरे संभावित एंगलों की ओर भी किया।
    • अब सीडीआर, डिजिटल हिस्ट्री, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अद्वैत के साथ आखिर हुआ क्या था।

    सर्च ऑपरेशन बंद, परिवार को अब जांच से उम्मीद

    • पहाड़ी पर नौ दिन तक चले सघन अभियान के बाद पुलिस और बचाव दल ने फिलहाल सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया है। 100 से ज्यादा लोगों द्वारा की गई तलाश के बावजूद अद्वैत का नहीं मिलना मामले को और रहस्यमय बना रहा है।

  • सात अगस्त से 29 अगस्त तक 22 दिन बीत चुके हैं। इस दौरान अद्वैत के परिजन लगातार उसके लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं। पहाड़ी पर तलाश भले ही रोक दी गई हो, लेकिन परिवार के लिए इंतजार खत्म नहीं हुआ है।
  • अब उम्मीद तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों से मिलने वाले किसी ऐसे सुराग पर टिकी है, जो 22 दिन से अनसुलझे इस रहस्य की कड़ी जोड़ सके।