
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : अहिल्या पथ योजना के कारण रिजलाय से पालाखेडी, बुढ़ानिया होते हुए रेवती तक आठ गांवों की 1400 हेक्टेयर के करीब जमीन करीब दो साल से उलझी हुई है। योजना पर अमल तो नहीं हो सका, लेकिन किसानों की जमीन की खरीदी-बिक्री और डेवलपमेंट पर प्रतिबंध भी नहीं हटे।
आठ गांवों के हजारों किसान अपनी जमीनों पर सिर्फ खेती ही कर पा रहे है। परेशान किसानों ने बुधवार को आइडीए के बाहर धरना दिया। किसानों की मांग थी कि जमीनों पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाए जाए। किसान दिनभर हाथों में तख्तिया लेकर बैठे रहे।
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किसान नेता बब्लू जाधव ने बताया कि दिनभर धरना दे रहे भूखे प्यासे किसानों ने शाम को सड़क किनारे मालवी दाल-बाटी बनाने की योजना थी, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने इसकाे रोक दिया। किसान बिना कुछ खाए पीये ही धरना देते रहेंगे। इसको लेकर पहले कलेक्टर को ज्ञापन दिया जा चुका है, इसलिए अब ज्ञापन नहीं दिया जाएगा।
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