• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

इंदौर में बोरिंग के जरिए ज्यादा पानी निकालने वालों पर अब रहेगी नजर, लगाया जा सकता है जुर्माना

भूजल का उपयोग करने वाले संस्थानों और परियोजनाओं के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना और आवश्यक अनुमति लेना जरूरी है।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sat, 19 Sep 2026 01:10:30 PM (IST)Updated Date: Sat, 19 Sep 2026 01:18:16 PM (IST)
इंदौर में बोरिंग के जरिए ज्यादा पानी निकालने वालों पर अब रहेगी नजर, लगाया जा सकता है जुर्माना
भू जल प्रबंध पर कार्यशाला आयेाजित की गई।

HighLights

  1. कार्यशाला में उन संस्थानों पर विशेष फोकस रहा, जहां बड़े स्तर पर भूजल का उपयोग होता है
  2. अस्पताल, होटल, मॉल, उद्योग, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर यूनिट के नियमों को लेकर हुई चर्चा
  3. नगर निगम, इंजीनियर, पर्यावरणविद्, क्रेडाई सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में लगातार बढ़ते भूजल दोहन के बीच अब इसके उपयोग को लेकर नियमों के पालन पर जोर दिया जा रहा है। शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडबल्यूए) की जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। इसमें भूजल नियमन, संरक्षण, एनओसी प्रक्रिया, दंडात्मक प्रावधान और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हितधारकों को दी गई।

केंद्रीय भूजल बोर्ड, उत्तर मध्य क्षेत्र भोपाल के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला रीजनल डायरेक्टर अशोक कुमार बिसवाल के मार्गदर्शन में हुई। सीजीडबल्यूए की वैज्ञानिक पैसनी पटेल ने भूजल विकास एवं प्रबंधन के नियमन से जुड़े प्रावधानों को विस्तार से समझाया।


उन्होंने बताया कि भूजल का उपयोग करने वाले संस्थानों और परियोजनाओं के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना और आवश्यक अनुमति लेना जरूरी है। कार्यशाला में केंद्रीय भूजल बोर्ड की वैज्ञानिक अंजलि कुशवाहा और पार्थ सारथी तथा जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय तिवारी उपस्थित रहे।

भू-नीर पोर्टल पर ऐसे होगी प्रक्रिया

कार्यशाला में भू-नीर पोर्टल के माध्यम से भूजल से संबंधित आवेदन, एनओसी प्राप्त करने, अनुमति और अन्य ऑनलाइन प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को आवेदन की प्रक्रिया और आवश्यक अनुमतियों की जानकारी दी गई। नियमों के उल्लंघन पर लागू दंडात्मक प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।

होटल-मॉल से उद्योग तक पर नजर

कार्यशाला में उन संस्थानों पर विशेष फोकस रहा, जहां बड़े स्तर पर भूजल का उपयोग होता है। अस्पताल, होटल, मॉल, उद्योग, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर यूनिट, टैंकर संचालन, बोरिंग तथा बड़े आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट से जुड़े नियमों पर चर्चा हुई।

नगर निगम, आर्किटेक्ट, इंजीनियर, पर्यावरणविद्, क्रेडाई सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। अधिकारियों ने कहा कि भूजल सीमित प्राकृतिक संसाधन है। बढ़ते दबाव को देखते हुए इसके अनियंत्रित दोहन को रोकना जरूरी है।

यह भी पढ़ें- नियम हुए सख्त, शुद्ध पानी के लिए कंपनियों को लेनी होगी भूजल की एनओसी