
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शासन से मिले आंकड़ों के साथ ही स्थानीय स्तर पर किए गए एनालिसिस के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 की गाइडलाइन का प्रस्ताव सब रजिस्टार कार्यालय में तैयार किया गया है। इसके अनुसार तीन हजार से अधिक लोकेशन पर बढ़ोतरी की संभावना है। होली के बाद इस प्रस्ताव को जिला मूल्यांकन समिति में रखा जाएगा। जिला मूल्यांकन समिति की मोहर लगने के बाद दावे-आपत्तियों का निराकरण कर प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जाना है। शासन स्तर से स्वीकृति के बाद एक अप्रैल से नई गाइडलाइन लागू की जाएगी।
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले में संपत्तियों की गाइडलाइन दरों में बड़े बदलाव की तैयारी है। शासन से प्राप्त ऑनलाइन डाटा और स्थानीय स्तर पर एकत्र जानकारी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से विश्लेषण कर नई गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव अप्रैल से लागू होने वाली नई दरों का आधार बनेगा। पंजीयन विभाग ने पहली बार एआइ और सैटेलाइट इमेजरी के आधार पर नई गाइडलाइन तैयार करना शुरू किया है। इससे नए विकास के सही आकलन के साथ ही जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप बढ़ोतरी हो सकेगी।
गौरतलब है कि उप पंजीयन कार्यालयों में वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान हुए संपत्ति सौदों का विस्तृत अध्ययन किया गया है। जिन स्थानों पर जमीन या संपत्ति की खरीद-फरोख्त तय गाइडलाइन दर से अधिक मूल्य पर हुई है, वहां दर बढ़ाने की सिफारिश की जा रही है। विशेष रूप से ऐसी लोकेशन को बढ़ोतरी में शामिल किया जा रहा है, जहां 10 प्रतिशत से अधिक दस्तावेज गाइडलाइन दर से ऊंचे मूल्य पर पंजीकृत हुए हैं।
वर्तमान में उप पंजीयन कार्यालयों में गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार हो गया है और एसडीएम की अध्यक्षता वाली समितियों की बैठक में स्वीकृति के बाद प्रस्ताव जिला मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा। यहां पर स्वीकृति के बाद दावे-आपत्ति बुलाकर निराकरण कर प्रस्ताव को शासन को भेजा जाएगा। मार्च माह में ही शासन द्वारा इस प्रस्ताव पर मोहर लगेगी।
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मौजूदा वित्त वर्ष में भी कई क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों में 20 से लेकर 270 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी। सबसे ज्यादा वृद्धि ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि में देखी गई थी। अधिक कीमत पर रजिस्ट्रियां होने और भूमि अधिग्रहण से जुड़े विरोध को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किए गए थे।