
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए दुर्घटना में मृत यात्रियों के शव गुरुवार को उनके स्वजन को सौंप दिए। शव सौ प्रतिशत जल चुके हैं। उन्हें सिर्फ अस्थियां ही मिली हैं। दो शव इंदौर लाए जा रहे हैं। शुक्रवार को अंतिम संस्कार होगा।
हंस ट्रेवल्स की बस (एआर 11डी 6565) मंगलवार रात ट्राला से टकरा कर जल गई थी। इस हादसे में अन्नपूर्णा निवासी निर्मला गुप्ता और बजरंग नगर निवासी भूमि भोर की मौत हो गई थी। निर्मला और उनके पति चंद्रप्रकाश गुप्ता चार धाम यात्रा पर गए थे। दोनों ऋषिकेश से बस में बैठे थे। बुधवार को उनकी बेटी दीपश्री (अपर कलेक्टर) व अन्य रिश्तेदार दौसा पहुंच गए। डॉक्टर ने उनके डीएनए सैंपल लिए और शाम को रिपोर्ट आने पर शव सौंपे। भूमि के पिता भारत भोर और भाई जितेंद्र पहुंचे और उसका भी डीएनए के बाद शव सौंपा गया। जितेंद्र के अनुसार शव जल चुका था। उन्हें सिर्फ अस्थियां ही मिली हैं। शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दोनों परिवारों को उम्मीद थी कि शव गुरुवार को ही पहुंच जाएंगे। रिश्तेदार और परिचित घर आने लगे थे। दौसा से निकलने में शाम हो गई और रिश्तेदारों को लौटना पड़ा। उधर हादसे में घायल स्वानंद, दिसा का उपचार चल रहा है। स्वानंद के कमर में फ्रैक्चर हुआ है। भूमि की सहेली लीजा भी घायल हुई है। वह अभी भी सदमे में है।
विजय नगर निवासी लीजा घटना के बाद सदमे में है। उसने नईदुनिया को बताया शाम सात बजे तक ढाबा पर रुकने के पहले बस सही चल रही थी। इसके बाद ड्राइवर बदला और गाड़ी काफी तेज चलाने लगा। ड्राइवर को बोला तो वह बुरी तरह से बोलने लगा।
लीजा के अनुसार सभी यात्री सो गए थे। अचानक धमाका हुआ और सभी एक दूसरे पर जा गिरे। मेरी सहेली भूमि तो सीट के अंदर ही फंस गई थी। मैंने देखा बस में धुआं हो रहा है। भूमि को उठाने की कोशिश की मगर वह आंखें तक नहीं खोल सकी। मैंने उठाने के लिए भूमि के गाल पर थपकी मारी। इस बीच लोग एक दूसरे के ऊपर चढ़ कर भाग रहे थे। धुआं बढ़ता जा रहा था। बस में लाशें ही बची थीं।
यह भी पढ़ें- Indore Weather: अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम? खंडवा, खरगोन समेत इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
ड्राइवर मेरे सामने ही जल रहा था। वह मदद मांग रहा था। मैंने अपने दोस्त अमिनेश और प्रिंस को बोला भूमि को उठाओ। आग लगने पर बस से निकलना पड़ा। स्वानंद की कमर और दायें पैर में फ्रैक्चर हो गया था। शायद एसी में ब्लास्ट हुआ था। लीजा ने ही एम्बुलेंस को कॉल लगाया लेकिन काफी देर तक लोकेशन नहीं मिली। जब गाड़ी आई तो उसका भी व्यवहार ठीक नहीं था। दिसा और स्वानंद को अस्पताल में भर्ती किया गया है।