परीक्षा शेड्यूल से बीकाम-सीएस छात्रों की बढ़ी मुश्किलें, डीएवीवी ने बदलाव किया इनकार, निकाला बीच का ये रास्ता
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने स्नातक परीक्षाएं एक सप्ताह आगे बढ़ाईं। बीकाम और सीएस परीक्षा तिथियां टकराने से विद्यार्थी परेशान हैं। वहीं इंटरनल मार्क् ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 15 May 2026 08:27:07 AM (IST)Updated Date: Fri, 15 May 2026 08:27:07 AM (IST)
परीक्षा शेड्यूल से बीकाम-सीएस छात्रों की बढ़ी मुश्किलें। (फाइल फोटो)HighLights
- DAVV ने स्नातक प्रथम वर्ष परीक्षाएं एक सप्ताह आगे बढ़ाईं।
- बीकाम और सीएस परीक्षा तिथियां टकराने से विद्यार्थी परेशान।
- इंटरनल मार्क्स नहीं मिलने से हजार रिजल्ट फिलहाल रुके।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) ने स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव कर दिया है। पहले ये परीक्षाएं 12 मई से शुरू होने वाली थीं, लेकिन अब इन्हें एक सप्ताह आगे बढ़ाकर 19 मई से आयोजित किया जाएगा।
हालांकि नए परीक्षा कार्यक्रम के जारी होते ही बीकाम विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गई है। कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) और बीकाम के दो विषयों की परीक्षाओं की तारीखें आपस में टकरा रही हैं। इसे लेकर विद्यार्थियों ने परीक्षा तिथि बदलने की मांग उठाई है।
बीकाम और सीएस परीक्षा का समय टकराया
- नए टाइम टेबल के अनुसार बीकाम की परीक्षा सुबह 7 बजे से 10 बजे तक आयोजित होगी, जबकि सीएस की परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होगी। ऐसे में दोनों परीक्षाएं देने वाले विद्यार्थियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि दोनों परीक्षाओं के बीच पर्याप्त समय नहीं होने से उन्हें परेशानी होगी।
- परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशोक तिवारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षाएं पहले ही एक बार आगे बढ़ाई जा चुकी हैं, इसलिए अब दोबारा बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को सुझाव दिया कि वे बीकाम का पेपर निर्धारित समय से पहले समाप्त कर परीक्षा कक्ष से निकल सकते हैं। उनका कहना है कि अधिकांश विद्यार्थी सुबह 8:30 बजे तक पेपर पूरा कर लेते हैं, जिससे वे 9 बजे शुरू होने वाली सीएस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
इंटरनल मार्क्स नहीं मिलने से रुके परिणाम
- इधर विश्वविद्यालय में बीए और बीएससी अंतिम वर्ष के करीब एक हजार विद्यार्थियों के परिणाम भी अटक गए हैं। इसकी वजह कॉलेजों द्वारा समय पर इंटरनल मार्क्स जमा नहीं करना बताया जा रहा है। विश्वविद्यालय ने उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा कर लिया था, लेकिन कई कॉलेजों ने निर्धारित समय सीमा तक अंक अपलोड नहीं किए।
- विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार कॉलेजों को 30 अप्रैल तक इंटरनल परीक्षाएं करवाने और पांच मई तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर अंक अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद करीब तीन दर्जन कॉलेजों ने समय पर अंक जमा नहीं किए। परिणामस्वरूप आठ मई को जारी होने वाला रिजल्ट 14 मई को घोषित करना पड़ा।
कॉलेजों पर लगेगी पेनाल्टी
कुलगुरु डॉ. राकेश सिरोही के निर्देश पर अब लापरवाही बरतने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशोक तिवारी ने बताया कि संबंधित कॉलेजों को जल्द नोटिस जारी किए जाएंगे। प्रत्येक विद्यार्थी के हिसाब से कॉलेजों पर एक हजार रुपये की पेनाल्टी लगाई जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।