
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में बढ़ते ट्रैफिक और रोज लगने वाले जाम से राहत देने के लिए एमआर-10 रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का विस्तार किया जा रहा है। मौजूदा चार लेन के आरओबी के समानांतर नया चार लेन का पुल बनाया जाएगा। इसके बाद यह मार्ग कुल आठ लेन का हो जाएगा। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने करीब 48 करोड़ रुपये की इस परियोजना को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन टेंडर हुए लगभग एक साल बीत चुका है, लेकिन काम शुरुआती चरण में ही है।
बापट चौराहा की ओर केवल तीन पिलर (खंभे) जमीन के स्तर तक तैयार हो पाए हैं, जबकि अभी चार और पियर बनाए जाना बाकी हैं। दूसरी ओर लवकुश चौराहा की तरफ अभी केवल सर्वे का काम चल रहा है। वहां खुदाई और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस हिस्से में कुछ मकानों की बाधा सामने आ रही है, जिसके कारण काम की रफ्तार प्रभावित है। आईडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े का कहना है कि निर्माण कार्य जारी है। मंदिर से कोई बाधा नहीं है और मकानों से जुड़ी समस्या का समाधान किया जा रहा है।
यह नया आरओबी तैयार होने के बाद सुपर कारिडोर और उज्जैन रोड से आने वाले वाहन सीधे रिंग रोड और विजय नगर की ओर आसानी से जा सकेंगे। वर्तमान चार लेन का पुल दूसरी दिशा के यातायात के लिए उपयोग में रहेगा। इससे इस मार्ग पर जाम में कमी आएगी।
करीब 20 साल पहले बने इस आरओबी पर अब वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ चुका है। सुपर कारिडोर, नई कालोनियों और उज्जैन रोड पर बढ़ते विकास के कारण यहां रोज लाखों वाहन गुजरते हैं। महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन जाने वाले वाहनों की संख्या भी बढ़ी है। मौजूदा चार लेन का पुल अब पर्याप्त नहीं रह गया है। ऐसे में 713.5 मीटर लंबा आरओबी बनाया जा रहा है। जिसकी चौड़ाई 45 मीटर है। इसके साथ विजय नगर की ओर स्थित पुलिया का भी चौड़ीकरण किया जाएगा।
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साल 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग से आवागमन करेंगे। इसके अलावा कुमेड़ी स्थित आईएसबीटी पूरी तरह शुरू होने के बाद बसों का दबाव भी इसी मार्ग पर बढ़ेगा। ऐसे में चार लेन का अतिरिक्त आरओबी भविष्य की यातायात जरूरतों को देखते हुए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।