
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : अपराधी कई प्रतिबंधात्मक दवाओं का उपयोग नशे के लिए करते हैं। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने बुधवार को इंदौर नगर की सीमा में चिन्हित दवाइयों का विक्रय केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर के लिखित प्रिस्क्रिप्शन पर ही करने के संबंध में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेश के अनुसार समस्त नाईट्राजेपाम टेबलेट्स (समस्त नाईट्रावेट टेबलेट्स), क्लोनेजेपाम टेबलेट्स, डायजेपाम टेबलेट्स, आक्साजीपाम टेबलेट्स, इटिजोलाम टेबलेटस, एल्प्राजोलम टेबलेटस, कोडीन फास्फेट सिरप/टेबलेटस, क्लोजापाम टेबलेटस (फीजीयम टेबलेट आदि) का विक्रय केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर के लिखित पर्चे पर किया जाएगा।
गर्भपात और गर्भ समापन संबंधित दवाएं व उसके ग्रुप श्रेणी की दवाओं (गोली, इंजेक्शन, जेल) का विक्रय केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर के लिखित पर्चे पर ही किया जाएगा एवं लिखित प्रिस्किप्शन की छायाप्रति संबंधित मेडिकल स्टोर द्वारा सुरक्षित कर रखी जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम दवा दुकानों पर नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण कर इस आदेश का प्रभावी परिपालन सुनिश्चित करेंगे। दवा दुकानों पर नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण के दौरान दुकान संचालक को अपने रिकॉर्ड को टीम को दिखाना होगा, जिसका टीम सत्यापन करेगी। अनियमितता पाए जाने पर टीम रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर दुकान संचालक पर कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। मामले में प्रकरण दर्ज होने पर आपराधिक मामला चलेगा।
आदेश के उल्लंघन और दुकान पर अनियमितता पाई जाने पर दवा दुकान संचालक पर तत्काल कठोर कार्यवाही की जाएगी। प्रतिबंधात्मक आदेश 24 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन अन्य अधिनियमों के साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। इसके तहत प्रकरण दर्ज होने पर आर्थिक दंड के साथ ही सजा का भी प्रविधान है।
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