इंदौर में बड़ी लापरवाही... नर्मदा जल की लाइन में जोड़ दी ड्रेनेज, गंदे पानी से प्यास बुझा रहे थे रहवासी
वार्ड 80 के रहवासी पिछले कुछ दिन से दूषित पानी से परेशान थे। शुरुआती 10-15 मिनट तक नर्मदा जल के बजाय दूषित बदबूदार पानी आता था। रहवासियों ने इसकी शिका ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 05 Feb 2026 09:02:17 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Feb 2026 09:06:29 PM (IST)
इंदौर में बड़ी लापरवाही... नर्मदा जल की लाइन में जोड़ दी ड्रेनेज, AI GeneratedHighLights
- नर्मदा चेंबर में निजी ड्रेनेज लाइन जोड़ने से आ रहा था गंदा पानी
- निगम की जांच में खुली पोल; चार मकानों ने किया अवैध कनेक्शन
- ड्रेनेज लाइन अलग होने से शुरू हुआ शुद्ध जल; जांच के आदेश
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। वार्ड 80 के रहवासी पिछले कुछ दिन से दूषित पानी से परेशान थे। शुरुआती 10-15 मिनट तक नर्मदा जल के बजाय दूषित बदबूदार पानी आता था। रहवासियों ने इसकी शिकायत की तो जांच शुरू हुई। निगम की टीम जांच करते हुए नर्मदा जल वितरण के वाल्व तक पहुंची। खोदाई की तो अधिकारी भी भौचक रह गए। कुछ रहवासियों ने नर्मदा के चेंबर में निजी ड्रेनेज लाइन जोड़ दी थी। पानी के लिए वाल्व खोलते ही ड्रेनेज पीने के पानी के साथ मिलकर रहवासियों के घरों तक पहुंच जाता था। निगम की टीम ने कार्रवाई कर ड्रेनेज की लाइन को अलग किया।
वाल्व खोलते ही घरों में पहुंचता था गंदा पानी
पार्षद प्रशांत बडवे ने बताया कि पाराशर नगर रहवासियों ने शिकायत की थी कि उनके घरों में बदबूदार पानी आ रहा है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए निगम की टीम ने जांच की तो पता चला कि 12 ज्योतिर्लिंग मंदिर के पास बने नर्मदा वाल्व के चेंबर से बदबूदार पानी बाहर आ रहा है। जब खोदाई की गई तो पता चला कि पास में बने चार मकानों ने निजी ड्रेनेज लाइन को इस चेंबर में जोड़ दिया था। जब पानी वितरण के लिए वाल्व खोला जाता था तो ड्रेनेज पीने के पानी में मिल जाता था।
मकानों की वैधता पर सवाल और शिकायतकर्ताओं को धमकी
बड़वे ने बताया कि पाराशर नगर रहवासी संघ ने शिकायत की है कि जिन मकानों ने अपनी ड्रेनेज लाइन नर्मदा चेंबर में जोड़ी थी वे अवैध हैं। कॉलोनी के ले-आउट में ये हैं ही नहीं। पार्षद ने बताया कि मकानों की वैधता की जांच की जाएगी। मामला सामने आने के बाद ये मकान वाले शिकायतकर्ताओं को धमकाते हुए विवाद करने लगे। हालांकि, फिलहाल ड्रेनेज लाइन अलग करने के बाद क्षेत्र के रहवासियों को शुद्ध पानी मिलने लगा है।
यह भी पढ़ें- इंदौर में साइबर अटैक... ट्रैफिक चालान के नाम पर भेजी APK फाइल, व्यापारी के खाते से उड़े 2 लाख रुपये