
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार सुबह एक बडी कार्रवाई को अंजाम दिया। रिमूवल टीम ने साउथ तोड़ा क्षेत्र में कान्ह नदी किनारे बने 7 पक्के मकान और 45 कारखाने हटाए। ये सभी शासकीय भूमि पर बने हुए थे। कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि कई बार नोटिस देकर लोगों से अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा था, बावजूद इसके जब अवैध निर्माण नहीं हटे तो कार्रवाई करना पड़ी, जबकि लोग कह रहे हैं कि उन्हें सामान हटाने का मौका तक नहीं दिया गया। हंगामे के बीच हुई कार्रवाई में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
कार्रवाई के दौरान विरोध कर रहे युवकों ने एडीसीपी दिशेष अग्रवाल को जमीन पर गिरा दिया। पुलिस ने इन युवकों को हिरासत में ले लिया है। अवैध निर्माण जमींदोज करने के बाद निगम की टीम तो मौके से रवाना हो गई, बाद में लोग मलबे में अपना सामान तलाशते नजर आए।
कार्रवाई साउथ तोड़ा क्षेत्र में कान्ह नदी किनारे गौड़ विद्या धर्मशाला से सेंट अबू स्कूल तक की गई। इस सड़क का चौड़ीकरण भी प्रस्तावित है। नगर निगम ने इसके लिए टेंडर भी आमंत्रित कर लिए हैं। बुधवार सुबह करीब सात बजे एसडीम घनश्याम धनगर, नगर निगम से भवन अधिकारी अंकेश बरथरिया, रिमूवल सुपरवाइजर बबलू कल्याणे और पुलिस दल क्षेत्र में पहुंचा।
टीम ने सुबह आठ बजे जैसे ही मशीनों की मदद से रिमूवल की कार्रवाई शुरू की, लोग विरोध में उतर आए। जैसे-जैसे कच्चे-पक्के अवैध निर्माण जमींदोज किए जा रहे थे वैसे-वैसे विरोध भी तेज हो रहा था। कुछ ही देर में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस दल को इसे बार-बार खदेडना पड़ा। विरोध के बावजूद निगम और प्रशासन की कार्रवाई नहीं रूकी। करीब दो घंटे चली कार्रवाई में टीम ने 7 पक्के मकान और 45 कारखाने जमींदोज कर दिए। ये सभी निर्माण अवैध थे और शासकीय भूमि पर चल रहे थे।
कार्रवाई को लेकर निगम के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने निर्माण हटाने के लिए मकान मालिक एवं कारखाना स्वामियों को सूचना पत्र देकर सुनवाई की थी। उन्हें पर्याप्त अवसर दिया गया था। इसके अलावा 24 घंटे पहले भी सूचना पत्र दिए गए थे। पिछले दिनों मुनादी भी करवाई गई थी। इसके बाद भी लोगों ने निर्माण नहीं हटाए तो कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान भीड़ को हटाने के दौरान पीछे मौजूद एक युवक ने एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया। इससे उनका संतुलन बिगड़ा और वे जमीन पर गिर पड़े। पुलिस ने मौके से कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
साउथ तोड़ा में बुधवार को नगर निगम की रिमूवल कार्रवाई के दौरान हंगामा हो गया। भीड़ को हटाने के दौरान पीछे मौजूद एक युवक ने एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया। इससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे जमीन पर गिर पड़े।
पुलिस ने मौके से 6 लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक सभी के खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की टीम 100 से ज्यादा कर्मचारियों, 3 पोकलेन और 6 जेसीबी के साथ पहुंची थी। सुरक्षा के लिए 80 से ज्यादा पुलिस जवान और अधिकारी तैनात किए गए थे। निगम के मुताबिक 50 शेड और 6 मकानों के अवैध हिस्से हटाए गए।

मौके पर जांच के दौरान सामने आया कि सरकारी जमीन के हिस्से पर दुकान, गोडाउन और मकान बनाकर उसका उपयोग किया जा रहा था। इसके बाद संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई से पहले राजस्व विभाग की टीम ने भूमि की स्थिति और सीमाओं का परीक्षण किया।
इसके बाद नगर निगम के अमले और पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाए गए। करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन पर लंबे समय से किए गए कब्जे को प्रशासन ने हटाकर अपने कब्जे में लिया है।
कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाएं पुलिस से सामान बाहर निकालने को लेकर बहस करने लगीं। उनका कहना था कि नोटिस में उन्हें सुबह 9 बजे तक का समय दिया गया है। इसी बात पर विवाद बढ़ा और मौके पर भीड़ जमा हो गई। कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाने लगे।
हालात को देखते हुए एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल भीड़ को पीछे हटाने लगे। इसी दौरान पीछे मौजूद एक युवक ने उन्हें धक्का दे दिया। संतुलन बिगड़ने से वे जमीन पर गिर पड़े। पुलिस जवानों ने तत्काल युवक को पकड़ लिया। उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक समेत कुछ लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
निगम अधिकारियों के अनुसार रिमूवल कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। निगम टीम ने टेप से नपती कर चिन्हित अवैध निर्माण हटाए।
झोन-11 के झोनल अधिकारी गीतेश तिवारी ने बताया कि साउथ तोड़ा में 50 शेड और कुछ मकानों के अवैध हिस्से हटाए गए हैं। क्षेत्र में आने वाले दिनों में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का काम प्रस्तावित है। इसी के चलते कार्रवाई की गई।