
कुलदीप भावसार, नईदुनिया, इंदौर। इंदौर शहर की सड़कों के फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराने और इन्हें पैदल यात्रियों के लिए खाली कराने के उद्देश्य से नईदुनिया द्वारा चलाए गए अभियान ‘फुटपाथ हमारा है’ के बाद अंतत: नगर निगम की नींद खुल ही गई। अभियान के चलते निगम ने लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई की।
निगम की रिमूवल टीम ने विभिन्न बाजारों से 35 ट्रक से ज्यादा सामग्री जब्त की। अभियान को नागरिकों का भी अच्छा प्रतिसाद मिला। असर यह हुआ कि बाजारों के फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त दिखने लगे। दुकानदारों ने भी स्वत: ही फुटपाथ तक पैर फैला चुकी दुकानों को हद में समेटा ताकि पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ उपलब्ध हो सके।
शहर में पैदल यात्रियों के लिए लगभग 138 किमी लंबे फुटपाथ बने हुए हैं, लेकिन इनमें से 90 प्रतिशत पर अतिक्रमण हो जाता है। दुकानदार दुकानों को फुटपाथ तक उतार देते हैं। शहर के ज्यादातर व्यस्त बाजारों में यह समस्या है।
नईदुनिया ने सतत अभियान चलाकर इस समस्या की ओर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया। असर यह हुआ कि नगर निगम ने सतत कार्रवाई की। सीतलामाता बाजार, एमजी रोड, जवाहर मार्ग, मालवा मिल सहित अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई की गई।
सड़कों के फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए निगम अब विशेष कार्ययोजना भी तैयार कर रहा है। जोनवार बनाई जाने वाली इस योजना में अधिकारियों को फुटपाथ को सतत अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। औचक निरीक्षण किए जाएंगे। फुटपाथ पर अतिक्रमण पाए जाने पर सिर्फ जब्ती की कार्रवाई नहीं होगी बल्कि प्रकरण भी दर्ज कराए जाएंगे।
नईदुनिया के अभियान की शहर के नागरिकों ने भी प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि नईदुनिया ने व्यवस्था में सुधार को लेकर एक बार फिर अपनी महती भूमिका निभाई। अतिक्रमण के विरुद्ध निगम यदाकदा कार्रवाई करता था, लेकिन अभियान के दौरान सतत कार्रवाई हुई। नईदुनिया के अभियान से नागरिकों को अंतिम नहीं सही अंतरिम राहत तो मिली ही है।
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फुटपाथ पर अतिक्रमण की अनुमति किसी को नहीं दे सकते। रिमूवल टीमों को निर्देशित किया है कि सतत कार्रवाई करें। फुटपाथ पैदल यात्रियों के चलने के लिए हैं। दुकानें लगाने, वाहन पार्क करने या अवैध निर्माण की अनुमति किसी को नहीं है। फुटपाथ पर अतिक्रमण मिला तो जिम्मेदारी तय होगी। - पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर