
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कुख्यात गुंडे मुख्तियार शेख ने जेल से छूटने के बाद राधिका कुंज में साम्राज्य जमाया और करोड़ों रुपये कीमती दुकानों पर कब्जा कर लिया। पीड़ितों ने थानों में शिकायत की, पर गुंडे ने फर्जी इकरारनामा और नोटरी पेश कर रिपोर्ट ही अपने पक्ष में बनवा ली। उसने छह दुकानों को किराये पर देकर उनसे लाखों रुपये महीना किराया वसूलना शुरू कर दिया।
सोमवार को क्राइम ब्रांच का एक दल राधिका कुंज पहुंचा और छहों दुकानों को सील कर दिया। डीसीपी अपराध राजेश त्रिपाठी के अनुसार मुख्तियार शेख पर खुशनुमा मोहम्मद अलमास की शिकायत पर एफआइआर दर्ज की गई है। खुशनुमा की लिंक रोड स्थित राधिका कुंज में दुकान है। मुख्तियार ने दुकान पर कब्जा कर लिया और कार डेकोर के लिए किराये पर दे दी। खुशनुमा ने थाने में शिकायत की, पर मुख्तियार ने एक इकरारनामा प्रस्तुत कर खुद का हक जता लिया।
मामले में पुलिस ने मुख्तियार और उसके साथी प्रफुल्ल पाटिल के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। जांच के दौरान निरीक्षक जितेंद्र यादव आरोपित का रिमांड लेकर राधिका कुंज में उसके कब्जे वाली अन्य दुकानों की जानकारी जुटाई।
पुलिस ने जांच के बाद छह दुकानों को चिह्नित किया, जिन पर मुख्तियार का कब्जा बताया गया। कब्जे वाली दुकानों में पंक्चर की दुकान, कार डेकोर, आइल पेंट की दुकान, गैरेज और फर्नीचर शोरूम संचालित हो रहे थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन दुकानों से किसे दिया और कितने किराए की वसूली की जा रही थी।
पीड़ितों की शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने और पूर्व में हुई जांचों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि मुख्तियार पुलिसकर्मियों से सांठगांठ कर शिकायतों की जांच अपने पक्ष में करवाता था। अब क्राइम ब्रांच इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि दुकानों पर कब्जे के दौरान किन लोगों ने उसकी मदद की और शिकायतों को प्रभावित करने में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका थी या नहीं।
पुलिस अब दुकानों के स्वामित्व, कथित इकरारनामे, किराए से होने वाली आय और कब्जे से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। कार्रवाई के बाद राधिका कुंज में मुख्तियार के कब्जे वाली अन्य संपत्तियों को लेकर भी पुलिस के स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।
कुख्यात मुख्तियार ने कांग्रेस शासन में अपना रौब जमाया और राधिका कुंज की दर्जनों दुकानों पर कब्जा कर लिया। नाबालिग बच्चे को बंधक बनाने, पीटने और टायलेट चटाने की घटना के बाद तत्कालीन टीआई तहजीब काजी ने मुख्तियार को गिरफ्तार किया और अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलवाया। मुख्तियार के विरुद्ध 35 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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