
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : सड़क घेरकर गणेशोत्सव के लिए पंडाल लगाने के मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने जयरामपुर कॉलोनी को लेकर प्रस्तुत याचिका में कहा कि त्योहार मनाने और धार्मिक आयोजन का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी वजह से जनता को परेशानी में नहीं डाला जा सकता।
सड़क पर पंडाल लगाने से ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या, तेज आवाज में संगीत और अन्य परेशानियां पैदा होती हैं। कोर्ट ने नगर निगम और पुलिस से ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए ठोस नीति और नियम बनाने पर विचार करने को कहा है।
हाई कोर्ट में यह याचिका जयरामपुर कालोनी निवासी मनोज तलरेजा ने दायर की थी। कहा था कि जयरामपुर कॉलोनी में पंडाल लगाने के लिए पूरी सड़क को कवर कर लिया गया, जबकि अनुमति कम जगह की थी। याचिकाकर्ता ने जयरामपुर कॉलोनी सड़क पर उत्सव आयोजित करने पर रोक लगाने के साथ मांग की थी कि प्रशासन ऐसी अनुमति नहीं दे, जिससे कलेक्टर संकुल गेट से लेकर छत्रीबाग रोड के पास ओवरब्रिज तक सडक़ पंडाल से ढक जाए।
मांग की गई थी कि गणेशोत्सव के लिए जयरामपुर कालोनी में पानी की टंकी के पास उपलब्ध खुले प्लॉट पर आयोजन की अनुमति दी जाए। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सड़क पर पंडाल लगाने से आवाजाही में परेशानी होती है।
विभिन्न समुदायों द्वारा त्योहारों के दौरान सड़क पर पंडाल लगाए जाते हैं। इससे आमजन परेशान होता है। पीक आवर्स में सड़क पर यातायात अवरुद्ध होने की स्थिति बनती है। कोर्ट ने आदेश में कहा कि प्रत्येक समुदाय को अपने त्योहार मनाने का अधिकार है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि आयोजन के दौरान आम जनता को अनावश्यक परेशानी या कठिनाई में डाल दिया जाए। कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
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