
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : दस साल पुरानी एक कथित आपत्तिजनक हरकत का गुस्सा 20 साल की पोती के मन में इतना गहरा था कि शनिवार रात उसने दादा की हत्या कर दी।
पत्रकारिता की छात्रा का दावा है कि करीब दस साल पहले दादा ने उसके साथ आपत्तिजनक हरकत की थी। इसके बाद से परिवार में अक्सर विवाद होता रहता था। शनिवार रात छात्रा माता-पिता से झगड़कर दादा-दादी के घर जा पहुंची। घर से वह क्रिकेट का बैट लेकर गई थी। उसने जाते ही सो रहे दादा पर ताबड़तोड़ वार कर डाले।
डीसीपी जोन-1 नरेंद्रसिंह रावत के अनुसार हमले में 75 वर्षीय दादा के सिर में गंभीर चोटें आईं। उनकी पत्नी ने खून से लथपथ देखा तो चीख-पुकार मच गई। परिजन उन्हें को सांवेर रोड स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही एरोड्रम पुलिस मौके पर पहुंची और 20 वर्षीय छात्रा को गिरफ्तार कर लिया। उसने पूछताछ में जो बताया वह सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। वह निजी कॉलेज से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही है। उसका कहना है कि करीब दस साल पहले दादा ने उसके साथ आपत्तिजनक हरकत की थी। इसके बाद से वह दादा से नाराज रहती थी और दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। छात्रा का दावा है कि उसने लोक-लाज और परिवार की बदनामी के डर से उस समय किसी को कुछ नहीं बताया।
पुलिस अब छात्रा के इस दावे की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि दस साल पहले की कथित घटना के संबंध में परिवार में किसी को जानकारी थी या नहीं और इसके बाद दादा-पोती के संबंध किस तरह के रहे। दादा विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) में पदस्थ रहे हैं।
एसीपी अशोकसिंह के मुताबिक छात्रा के पिता सीए है और महालक्ष्मीनगर में रहते है। उन्होंने बताया छात्रा अपने माता-पिता से भी विवाद करती थी। रोका टोकी को लेकर शनिवार रात भी कहासुनी हुई थी। करीब तीन बजे वह बाइक (बुलेट) पर बैट लेकर सीधे स्कीम-51 स्थित दादा-दादी के घर पहुंची।
घटना के बाद कॉलोनी में रहने वाले रिश्तेदार के घर चली गई थी। पुलिस ने रात में ही उसको गिरफ्तार कर लिया।रविवार को पुलिस ने शव का जिला अस्पताल में पोस्ट मार्टम करवाया।
इस घटना में दो स्थितियां बन सकती हैं। पहली बच्ची डिप्रेशन में हो और उसने दादा से जुड़ी कोई बात दिल बैठा ली हो। लंबे वक्त से दिल में दबी बात ने घटना को अंजाम देने को मजबूर किया हो। वहीं दूसरी स्थिति बच्ची का परिजनों से ठीक से संवाद न होना भी हो सकता है। दादा द्वारा गलत हरकत किए जाने के बाद भी वह सालों तक अपनी बात मां-बाप को नहीं बता पाई हो और घटना के वक्त पुरानी बातें ट्रिगर होने पर आवेश में घटना को अंजाम दिया गया हो। - डॉ. आशीष गोयल, मनोचिकित्सक
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