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MP में सियासत तेज, सीएम को लिखे मंत्री के पत्र के बाद रखा गया कार्यक्रम 'उम्‍मीदों का शहर इंदौर' देर रात निरस्‍त

कार्यक्रम को ''''मप्र की उम्मीदों का शहर इंदौर'''' नाम दिया गया था। आयोजन को राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में लगाए गए आरोपों के जवाब...और पढ़ें

By Udaypratap SinghEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 12:44:42 AM (IST)Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 07:07:04 AM (IST)
MP में सियासत तेज, सीएम को लिखे मंत्री के पत्र के बाद रखा गया कार्यक्रम 'उम्‍मीदों का शहर इंदौर' देर रात निरस्‍त
मोहन यादव और कैलाश विजयवर्गीय।

HighLights

  1. कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सीएम को लिखे पत्र से सियासत तेज।
  2. राजनीति गरमाने पर इधर कांग्रेस नेताओं की टिप्‍पणी का भी दौर शुरू।
  3. अनुशासन की बातें सिर्फ विपक्ष के लिए, भाजपा नेताओं ने साधी चुप्पी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मप्र का सियासी माहौल आरोपों की बारिश से गर्म होने लगा है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विकास कार्यों में इंदौर की अनदेखी और उपेक्षा व असहयोग से आहत होने के आरोपों के बाद इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने पहले तो तीन जुलाई को इंदौर के विकास से जुड़े मुद्दे पर कार्यक्रम आयोजित कर लिया, लेकिन बुधवार रात इसे निरस्त कर दिया।

कार्यक्रम को ''''मप्र की उम्मीदों का शहर इंदौर'''' नाम दिया गया था। आयोजन को राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में लगाए गए आरोपों के जवाब के रूप में देखा जा रहा था। कार्यक्रम निरस्त करने के पीछे तीन जुलाई को मुख्यमंत्री की उपलब्धता नहीं होने को वजह बताया जा रहा है।


इधर पत्र की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस पूरे मामले में मौन साध रखा है। बुधवार को उन्होंने मीडिया से यही कहा कि मुझे पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

मैंने भी सिर्फ समाचार पत्र में इसके बारे में पढ़ा है। इधर इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने सोशल मीडिया पर विजयवर्गीय का समर्थन करते हुए लिखा कि कैलाश विजयवर्गीय मैं आपका दर्द व पीड़ा समझ रहा हूं। मेरी सहानुभूति आपके साथ है।

उल्लेखनीय है कि नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर उपेक्षा से आहत होने की बात कही थी।

पत्र में उन्होंने मास्टर प्लान में देरी, मेट्रोपालिटन में इंदौर का नाम पीछे किए जाने, एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराने, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि में इंदौर की अनदेखी करने, पीथमपुर में सुविधाओं के अभाव और सिंहस्थ के कार्यों में इंदौर को शामिल नहीं किए जाने सहित कई अन्य मुद्दे भी उठाए हैं।

पत्र में विजयवर्गीय ने लिखा कि मुझे मुख्यमंत्री से सहयोग की अपेक्षा थी, लेकिन मुझे असहयोग, उपेक्षा और विरोध मिल रहा है। मेरी जानकारी के बगैर मेरे विभाग में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।

पत्र में विजयवर्गीय ने चेतावनी देते हुए लिखा कि इन विषयों का समाधान नहीं होता है तो इंदौर की जनता की आवाज को सार्वजनिक मंच पर उठाना मेरी विवशता होगी। मुख्यमंत्री को पत्र लिखे जाने की सूचना सार्वजनिक होने के बाद से प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप- अनुशासन सिर्फ विपक्ष के लिए है?

कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य विवेक तनखा ने कहा कि जब इंदौर में ऐसे हालात हैं तो फिर जबलपुर में क्या स्थिति होगी, समझा जा सकता है। प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा अनुशासन की बातें करती है। भाजपा के सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में से एक मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ''असहयोग, उपेक्षा और विरोध'' की पीड़ा बता रहे हैं। अनुशासन सिर्फ विपक्ष के लिए ही है।

देर रात सांसद ने दी कार्यक्रम निरस्त करने की सूचना

शुक्रवार तीन जुलाई 2026 को ''''मप्र की उम्मीदों का शहर इंदौर'''' नाम से आयोजित कार्यक्रम में इंदौर की तरक्की को लेकर संवाद होना था। आयोजन की जिम्मेदारी सांसद शंकर लालवानी को सौंपी गई थी। बुधवार देर रात लालवानी ने जानकारी दी कि तीन जुलाई को मुख्यमंत्री की उपलब्धता नहीं होने की वजह से कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही नई तारीख की घोषणा की जाएगी।