
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। रेलवे में टीटीई (ट्रेवलिंग टिकट एग्जामिनर) की नौकरी लगवाने के नाम पर चूड़ी कारोबारी से करीब 18 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। ठगी के इस कथित खेल में पीड़ित की पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
आरोपितों ने नौकरी लगवाने का ऐसा ताना-बाना बुना कि युवक को दिल्ली के डीआरएम कार्यालय से लेकर रेलवे अस्पताल और फिर पटना-आसनसोल तक ले जाकर फर्जी ट्रेनिंग तक करवा दी। जब फर्जीवाड़ा खुला तो पत्नी ने पहले दहेज प्रताड़ना की शिकायत की और बाद में तलाक भी ले लिया।
मामला हातोद क्षेत्र का है। पीड़ित विकास चूड़ियों का कारोबार करता है। उसने मामले को लेकर जिला कोर्ट में परिवाद दायर किया था। प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट शिखा अग्रवाल के आदेश पर हातोद पुलिस ने अरविंद यादव, सुमन यादव, अभिजीत साहू, शिवानी और माधव बागड़ी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
विकास की शादी 5 फरवरी 2022 को शिवानी से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद शिवानी ने अपने ताऊ माधव बागड़ी के साथ मिलकर विकास को रेलवे में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उसकी मुलाकात अन्य आरोपितों से कराई गई।
आरोपित अभिजीत साहू ने रेलवे अधिकारियों से अपनी पहचान होने का दावा करते हुए टीटीई की नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। नौकरी के नाम पर विकास से लाखों रुपये लिए गए। आरोपितों ने उसे भरोसा दिलाने के लिए ऐसी गतिविधियां कीं, जिससे उसे लगा कि वास्तव में उसकी रेलवे में नियुक्ति होने वाली है।
आरोप है कि आरोपित 2 अगस्त 2022 को विकास को दिल्ली के डीआरएम कार्यालय ले गए। वहां उसकी मुलाकात एक अन्य व्यक्ति से कराई गई। इसके बाद उसे नियुक्ति पत्र भी दिया गया। इतना ही नहीं, उसे रेलवे के अस्पताल में मेडिकल के लिए भी ले जाया गया। इसके बाद आरोपित उसे 16 अगस्त को पटना और आसनसोल ले गए। यहां रेलवे में नौकरी के नाम पर उसकी फर्जी ट्रेनिंग भी कराई गई। कई दिनों तक चली इस पूरी कवायद से विकास को भरोसा हो गया कि उसकी नौकरी वास्तव में लग गई है।
कुछ दिन बाद आरोपित इंदौर लौट आए। इसके बाद अचानक शिवानी ने विकास को बताया कि नौकरी लगवाने वाली एक महिला को दाहोद में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने विकास से नियुक्ति पत्र फाड़ने और फोटो-वीडियो डिलीट करने के लिए कहा। यहीं से विकास को पूरे मामले में फर्जीवाड़े की आशंका हुई। बाद में उसे पता चला कि नौकरी के नाम पर उसके साथ ठगी की गई है।
विकास के मुताबिक, जब उसे ठगी का पता चला और उसने आरोपितों से रकम वापस मांगी तो मामला पारिवारिक विवाद में बदल गया। आरोप है कि 24 जुलाई 2024 को शिवानी ने मंदसौर के पिपलियामंडी थाने में दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया और 23 दिसंबर 2025 को तलाक हो गया।
इसी गिरोह के खिलाफ बेटमा थाने में भी एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आने के बाद विकास ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उसने पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए परिवाद पेश किया। कोर्ट के आदेश के बाद हातोद पुलिस ने पांचों आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब नौकरी के नाम पर लिए गए रुपयों, फर्जी नियुक्ति पत्र, रेलवे अस्पताल में हुए मेडिकल, दिल्ली से पटना और आसनसोल तक की गतिविधियों तथा गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
यह भी पढ़ें- इंदौर में साइबर ठगी का शिकार हुआ प्रॉपर्टी ब्रोकर, फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 7.50 लाख की चपत, FIR दर्ज