इंदौर के डॉक्टरों का कमाल, महिला के सीने से विशाल इसोफेगल ट्यूमर निकालकर बचाई जान
इंदौर सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में दुर्लभ और जटिल सर्जरी कर 40 वर्षी महिला के सीने से 17 सेमी का विशाल इसोफेगल ट्यूमर सफलतापूर्वक निकालकर उसकी जान बचाई ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 16 Mar 2026 08:05:19 AM (IST)Updated Date: Mon, 16 Mar 2026 08:05:19 AM (IST)
डॉक्टरों ने महिला के शरीर से निकाला 17 सेमी का इसोफेगल ट्यूमर (AI से जनरेट इमेज)HighLights
- महिला के शरीर से निकाला 17 मीटर का इसोफेगल ट्यूमर
- मरीज लगभग पांच वर्षों से श्वसन संक्रमण से पीड़ित थी
- हृदय और महाधमनी के बीच फंसा था ट्यूमर
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में दुर्लभ और जटिल सर्जरी कर 40 वर्षी महिला के सीने से 17 सेमी का विशाल इसोफेगल ट्यूमर सफलतापूर्वक निकालकर उसकी जान बचाई गई। यह ट्यूमर महिला की भोजन नली (इसोफेगस) से उत्पन्न हुआ था और अपने बड़े आकार के कारण श्वासनली, हृदय, महाधमनी (एओर्टा) और इन्फीरियर वेना कावा जैसी महत्वपूर्ण संरचनाओं के बहुत करीब पहुंच गया था।
मरीज लगभग पांच वर्षों से लगातार खांसी और बार-बार होने वाले श्वसन संक्रमण से पीड़ित थी। इस दौरान उसने कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन बीमारी का सही कारण पता नहीं चल पाया।
लगातार खांसी के कारण लगभग एक वर्ष पहले मरीज को क्षयरोग (टीबी) की दवाएं भी दी गईं, लेकिन इलाज के बावजूद समस्या बनी रही। धीरे-धीरे मरीज को भोजन निगलने में कठिनाई (डिस्फेजिया) होने लगी और उसका वजन भी लगभग 25 किलोग्राम तक कम हो गया।
बेहद जटिल थी सर्जरी
स्थिति गंभीर होने पर मरीज सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल इंदौर पहुंची, जहां विस्तृत जांच के दौरान सीने में भोजन नली से उत्पन्न लगभग 17 सेंटीमीटर का बड़ा ट्यूमर पाया गया। यह ट्यूमर अत्यंत दुर्लभ हार्स-शू (घोड़े की नाल) आकार का लियोमायोमा था, जो अपने आकार और आसपास के महत्वपूर्ण अंगों से सटे होने के कारण सर्जरी के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था।
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मेडिकल कॉलेज के कार्डियो-थोरेसिक विभाग और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सर्जरी कर ट्यूमर को निकाला गया। इस जटिल आपरेशन को सफल बनाने मेंडा. सुमित प्रताप सिंह, डा. अंकुर गोयल, डा. दीपक सुल्या, डा. पुष्पेन्द्र सिंह गेहलोत, डा. अरुण झाड़े और डा. ऋषभ पटेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।