इंदौर नगर निगम का बड़ा फैसला, संपत्तिकर के डुप्लीकेट खाते होंगे बंद, गलत डिमांड वाले भी सुधारे जाएंगे
इंदौर नगर निगम में सालों से चल रहे संपत्तिकर के डुप्लीकेट खाते जल्द ही बंद हो जाएंगे। इसके साथ ही ऐसे खाते जो त्रुटिपूर्ण हैं उनमें सुधार किया जाएगा। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 12 Mar 2026 03:05:21 AM (IST)Updated Date: Thu, 12 Mar 2026 03:05:17 AM (IST)
इंदौर में संपत्तिकर के डुप्लीकेट खाते होंगे बंद (सांकेतिक तस्वीर)नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नगर निगम में सालों से चल रहे संपत्तिकर के डुप्लीकेट खाते जल्द ही बंद हो जाएंगे। इसके साथ ही ऐसे खाते जो त्रुटिपूर्ण हैं उनमें सुधार किया जाएगा। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत के तुरंत बाद इस पर काम शुरू हो जाएगा।
आदेश में निगमायुक्त ने कहा है कि यह देखने में आया है कि नगर निगम सीमा में बड़ी संख्या में संपत्तिकर के ऐसे खाते प्रचलन में हैं जिनमें डुप्लीकेट या त्रुटिपूर्ण डिमांड निकल रही है।
राजस्व समिति प्रभारी निरंजनसिंह चौहान ने बताया कि डुप्लीकेट या त्रुटिपूर्ण खाते की स्थिति में सहायक राजस्व अधिकारी भी परेशान होते रहते हैं और संबंधित व्यक्ति भी परेशान होते हैं। ऐसे खातों को चिह्नित कर इन्हें बंद करने की कार्रवाई की जाए।
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इस तरह के डुप्लीकेट या त्रुटिपूर्ण खाते हैं निगम में
- बहुमंजिला भवन (मल्टी स्टोरी) जिसमें सभी फ्लैटों के खाते खोले जा चुके हैं, लेकिन उक्त भवन का मूल खाता अब भी चल रहा है।
- ऐसा संपत्तिकर खाता जो ई-नगर पालिका पोर्टल पर तो दर्ज है, लेकिन खाते में दिए गए पते पर कोई संपत्ति ही नहीं है।
- पूर्व स्वामी और वर्तमान स्वामी दोनों के नाम पर ई-नगर पालिका पोर्टल पर खाते चल रहे हैं।
- नगर निगम इंदौर के नाम से ई-पोर्टल पर चल रहे खाते।
- एक ही पते पर दो या अधिक खाते संचालित हैं।