
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। उपेक्षा से आहत केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पत्र के बाद शुरू हुई सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के विकास के एक कार्यक्रम का तानाबाना बुन दिया है। "मप्र की उम्मीदों का शहर इंदौर" के नाम से होने वाला यह कार्यक्रम तीन जुलाई को होगा। राजनीतिक हलकों में इसे मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में लगाए गए आरोपों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि मुझे ढाई वर्ष से सिर्फ असहयोग, उपेक्षा और विरोध ही मिल रहा है। उपेक्षा से मैं आहत हूं। हालांकि पत्र की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने इस पूरे मामले में मौन साधे रखा है। उन्होंने कहा कि मुझे पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इंटरनेट मीडिया पर विजयवर्गीय का समर्थन करते हुए लिखा कि कैलाश विजयवर्गीय मैं आपका दर्द व पीड़ा समझ रहा हूं। मेरी सहानुभूति आपके साथ है।
गौरतलब है कि नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को पत्र लिखकर उपेक्षा से आहत होने की बात कही थी। पत्र में उन्होंने मास्टर प्लान में देरी, मेट्रोपालिटन में इंदौर का नाम पीछे किए जाने, एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराने, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि में इंदौर की अनदेखी करने, पीथमपुर में सुविधाओं के अभाव और सिंहस्थ के कार्यों में इंदौर को शामिल नहीं किए जाने सहित कई अन्य मुद्दे भी उठाए हैं।
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पत्र में विजयवर्गीय ने चेतावनी देते हुए लिखा कि इन विषयों का समाधान नहीं होता है तो इंदौर की जनता की आवाज को सार्वजनिक मंच पर उठाना मेरी विवशता होगी।