
नईदुनिया प्रतिनधि, इंदौर। इंदौर बाणगंगा थाना इलाके में वकील को हनीट्रैप में फंसाकर 10 लाख रुपये का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक महिला खुद को पीड़िता बताते हुए वकील के पास पहुंची थी। इसके बाद उसे हनीट्रैप में फंसाकर महिला और उसके साथियों ने वकील से 10 लाख रुपये फिरौती की मांग की।
जब वकील ने रकम देने से साफ इनकार किया, तो आरोपियों ने दबाव बढ़ाते हुए धमकियां देना शुरू कर दीं।परेशान होकर पीड़ित वकील ने आखिरकार बाणगंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मंगलवार रात मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शुरुआती जांच में संगठित गिरोह के शामिल होने के संकेत मिले हैं। फरियादी वकील नवनीत शर्मा ने पुलिस को बताया कि 29 जनवरी को वह अपने कालिंदी गोल्ड स्थित कार्यालय पहुंचे थे। उसी दौरान कार्यालय के सामने पेंटर राजकुमार ने संपर्क किया था। उसने अपनी पत्नी साक्षी से पिछले कई दिनों से पारिवारिक विवाद चलने की चर्चा की।
कुछ अश्लील फोटो और सोशल मीडिया के स्क्रीनशॉट भी अधिवक्ता को दिखाए। पारिवारिक विवाद की बात सुनकर मानवता के नाते अधिवक्ता ने साक्षी को फोन कर समझाइश दी और पति-पत्नी को आपस में बैठकर मामला सुलझाने की सलाह दी।
कुछ देर बाद साक्षी अपनी एक महिला मित्र के साथ अधिवक्ता नवनीत शर्मा के कार्यालय पहुंची। यहां साक्षी और राजकुमार ने एक साथ रहने से इनकार करते हुए तलाक लेने की बात रखी। इस पर अधिवक्ता ने दोनों को तलाक की कानूनी प्रक्रिया और नियमों की जानकारी दी। बातचीत के बाद सभी वहां से चले गए।
इसी दिन रात में साक्षी ने अधिवक्ता को फोन कर कहा कि उनके पास उसके पति द्वारा दिए गए अश्लील फोटो हैं, जिन्हें डिलीट कर दिया जाए। इसके साथ ही उसने यह आरोप भी लगाया कि तलाक के नाम पर अधिवक्ता ने उससे करीब 10 लाख रुपये मांगे हैं, जो वह नहीं दे सकती।
ब्लैकमेलिंग और धमकियों से परेशान होकर फरियादी अधिवक्ता नवनीत शर्मा ने बाणगंगा थाने में साक्षी, सागर और ओमप्रकाश विश्वकर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर बीएनएस की धारा 308(3) और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।