
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। किन्नरों के बीच हुए विवाद मामले में अब पुलिस विभाग के अंदर सोमवार को कार्रवाई की गई। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में पंढरीनाथ थाना प्रभारी अजय राजोरिया को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लाइन अटैच कर दिया है। वहीं, जिन आरोपियों को जांच में कमजोर कार्रवाई के चलते जमानत मिल गई थी, उनकी जमानत निरस्त कराने को लेकर अब पुलिस कोर्ट में आवेदन लगाने की तैयारी कर रही है।
पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में कुछ समय पहले किन्नरों के दो गुटों के बीच विवाद सामने आया था। एक पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने किन्नर सपना हाजी सहित अन्य लोगों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाए गए थे कि पीड़ित पक्ष को डरा-धमकाकर रुपयों की मांग की जा रही थी और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। प्रकरण दर्ज होने के बाद मामले की जांच पंढरीनाथ थाना पुलिस द्वारा की जा रही थी।
इसी दौरान आरोप लगे कि थाना प्रभारी द्वारा जांच में गंभीर लापरवाही बरती गई। इस मामले में पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद मजबूत केस डायरी तैयार नहीं की गई। इसका फायदा आरोपितों को मिला और कई आरोपित आसानी से जमानत करने में सफल हो गए। मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंची थी। इसके बाद पूरे प्रकरण की समीक्षा की गई। जांच में प्रथम दृष्टया थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों ने पंढरीनाथ थाना प्रभारी अजय राजोरिया को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया।
इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं दूसरी ओर, पुलिस अब मामले को दोबारा मजबूती से कोर्ट में रखने की तैयारी कर रही है। जिन आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए पुलिस द्वारा जल्द ही न्यायालय में आवेदन लगाया जाएगा। इसके लिए केस से जुड़े साक्ष्यों को दोबारा संकलित किया जा रहा है और कानूनी राय भी ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर भी आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
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