
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नीट पेपर लीक मामले को लेकर भंवरकुआं चौराहे पर शनिवार को छात्रों और युवाओं का आंदोलन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र धरने पर बैठकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। दोपहर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद धरनास्थल का माहौल पूरी तरह बदल गया।
छात्रों में उत्साह की लहर दौड़ गई और धरनास्थल पर जश्न मनाया। युवाओं की इस खुशी में अभिभावक भी शामिल हुए। शिक्षा को सुधारने के लिए उन्होंने आंदोलन को उचित ठहराया।
छात्रों का कहना था कि उनका संघर्ष सिर्फ किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। बल्कि वे ऐसी पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था चाहते हैं, जिसमें किसी भी प्रतिभाशाली छात्र का भविष्य भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़े।
करीब 25 दिन चले इस आंदोलन के बाद आयोजकों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। छात्रों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी अन्य मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है तो वे भविष्य में फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे।
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