
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। साइबर ठगों के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट नेटवर्क पर क्राइम ब्रांच ने शिकंजा कसा है। 25 वर्षीय युवक के बैंक खाते का कनेक्शन देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों में सामने आया है। दिल्ली से लेकर केरल और असम से लेकर राजस्थान तक 15 राज्यों की डेढ़ करोड़ से ज्यादा की साइबर शिकायतों में इस खाते का इस्तेमाल पाया गया है।
मामले में खाताधारक अभिषेक तिवारी के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच को यह जानकारी आइ4सी (इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर), गृह मंत्रालय, एनसीआरपी पोर्टल और राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय से मिले डाटा की जांच के दौरान मिली। ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत संदिग्ध म्यूल बैंक खातों और उनके संचालकों की जानकारी का परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस ने संदिग्ध खाते की जांच की और श्रीगणेश नगर निवासी अभिषेक तिवारी के खिलाफ केस दर्ज किया।
एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के अनुसार, जांच में पता चला कि अभिषेक के खाते से दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, असम, बिहार, गुजरात, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना सहित कई राज्यों में दर्ज साइबर ठगी के पीड़ितों के रुपये जमा हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित गतिविधियों में किया गया है। अब क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी है कि खाते का वास्तविक संचालन कौन कर रहा था, इसमें ठगी की रकम कितनी आई और रकम को आगे किन खातों में भेजा गया।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अभिषेक ने अपना बैंक खाता स्वयं इस्तेमाल किया या किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराया था। खाते के संचालन में सहयोग करने वाले लोगों और संभावित अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
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