
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर सहित पूरे मध्य प्रदेश में वर्ष 2024-25 में पांचवीं और आठवीं की एमपी बोर्ड परीक्षा देने वाले हजारों विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। इन विद्यार्थियों को दो वर्ष बाद भी अंकसूची (मार्कशीट) नहीं मिली है। हालत यह है कि उस समय पांचवीं में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब सातवीं कक्षा में पहुंच चुके हैं, जबकि आठवीं की परीक्षा देने वाले छात्र अब 10वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं। इसके बावजूद विभाग अब तक विद्यार्थियों को उनकी मार्कशीट तक उपलब्ध नहीं करवा पाया है।
मार्कशीट नहीं मिलने के कारण विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्र ऐसे हैं, जो स्कूल बदलकर अन्य संस्थान में प्रवेश लेना चाहते हैं, लेकिन अंकसूची नहीं होने के कारण उनका एडमिशन नहीं हो पा रहा है।
विद्यार्थी और अभिभावक कई बार स्कूल, जनशिक्षा केंद्र और जिला शिक्षा कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई निराकरण नहीं हो पाया है। हर जगह उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल से अब तक मार्कशीट नहीं आ पाई है, इस संबंध में पत्राचार किया जा चुका है। स्कूल संचालकों का कहना है कि बच्चे हमारे पास आकर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
अभिभावकों ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन और जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) कार्यालय में कई बार शिकायत की गई, पर कोई समाधान नहीं निकला। सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायत को बिना कार्रवाई के ही बंद कर दिया गया। स्कूल प्रबंधन भी हर बार यही कह रहा है कि हमारे पास ही अब तक मार्कशीट नहीं आई है।
सातवीं कक्षा में पढ़ रही अवनी ठाकुर ने बताया कि मैंने वर्ष 2024 में पांचवी कक्षा की परीक्षा दी थी। तब से अब तक मार्कशीट नहीं मिली। कई बार स्कूल जाकर पूछा, लेकिन हर बार आशअवासन ही मिला रहा है। इस सबंध में डीपीसी कार्यालय में भी शिकायत की है, लेकिन कोई हल नहीं हुआ है। मार्कशीट नहीं मिलने के कारण दूसरे स्कूल में एडमिशन लेने में समस्या हो रही है।
सातवीं कक्षा में पढ़ रही प्रियांशी राठौर ने बताया कि दो वर्ष बाद भी मार्कशीट नहीं मिली है। पिता रोहित ने बताया कि इस सबंध में सीएम हेल्पलाइन में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। शिक्षा विभाग के कई बार चक्कर लगा चुके हैं।