
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित अटल मिशन फॉर रिजूवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन (अमृत) 2.0 योजना के अंतर्गत इंदौर नगर निगम द्वारा शहर में घर-घर सर्वेक्षण अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सभी नागरिकों को सुरक्षित पेयजल सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने बीते दिनों समीक्षा बैठक में दौरान अमृत 2.0 परियोजना अंतर्गत पैकेज क्रमांक 3 एवं 4 के तहत इंदौर शहर में विभिन्न स्थलों पर पेयजल टंकी निर्माण एवं डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने के कार्य के संबंध में डोर टू डोर सर्वे कार्य किए जाने के संबंध में निर्देश दिए थे।
सर्वे में नगर निगम के दल प्रत्येक वार्ड में घर-घर जाकर जलापूर्ति, पेयजल की उपलब्धता, जल उपयोग, नागरिक सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शहर की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन करेंगे।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण दल को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें तथा सर्वेक्षण कार्य में सहयोग करें। सभी अधिकृत सर्वेक्षक पहचान पत्र के साथ आपके घर पहुंचेंगे। नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी प्रकार की शंका होने पर संबंधित वार्ड कार्यालय अथवा नगर निगम हेल्पलाइन से संपर्क करें।यह सर्वेक्षण पूर्णतः जनहित में संचालित किया जा रहा है तथा इसके माध्यम से इंदौर शहर को जल-सुरक्षित, स्वच्छ एवं सतत शहरी विकास की दिशा में और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
इंदौर: वर्षा ऋतु में नगर निगम लगातार जर्जर हो चुके भवनों को तोड़ने की कार्रवाई कर रहा है। मंगलवार को झोन 12 में दो जर्जर मकानों पर रिमूव्हल कार्यवाही की गई।रमन धुलधोये का चन्द्रभागा मेनरोड का जी प्लस टू बना हुए एक हजार वर्गफीट का निर्माण तोड़ा गया। साथ ही सोमवंशी समाज के 800 वर्गफीट के भवन को भी तोड़ा गया।इसी सिलसिले में जोन 11 अंतर्गत छोटी क्वालिटी स्थित जर्जर चंदन भवन जो करीब 15000 वर्गफीट पर बना है। इस तीन मंजिला भवन के ऊपर के दो जर्जर तल खाली करवाकर सील किए गए। इन दो तलों पर सात परिवार रह रहे थे।