
कपिल नीले, नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : महू-खंडवा रेल प्रोजेक्ट के अंतर्गत महू से मुख्यतियार बलवाड़ा के बीच बनने वाली नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बनाना है। ये रेल लाइन मालवा और निमाड़ क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। मगर महत्वाकांक्षी परियोजना में एक नई प्रशासनिक गड़बड़ी सामने आई है, जिसके कारण शुरुआती काम प्रभावित हो गया है।
रेल लाइन बिछाने के लिए जिन क्षेत्रों से ट्रैक गुजरेंगे, वहां बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की जानी है। यह पूरा क्षेत्र इंदौर और बड़वाह वनमंडल के अधीन आने वाली वनभूमि में शामिल है। रेलवे की ओर से भेजी गई 9 करोड़ रुपये की राशि गलती से इंदौर वनमंडल के बजाए रतलाम वनमंडल के खाते में पहुंच गई। यही वजह है कि अब तक चिन्हित पेड़ों की कटाई का काम शुरू नहीं हो सका है।
रिजनल इम्पावरमेंट कमेटी (आरईसी) पहले ही इस परियोजना को मंजूरी दे चुकी है। इसके तहत 454 हेक्टेयर वनभूमि पर रेल लाइन बिछाई जाएगी। इसमें 407 हेक्टेयर जमीन इंदौर और 46 हेक्टेयर जमीन खरगोन में वनभूमि शामिल है। वन विभाग ने यहां करीब 1 लाख 34 हजार पेड़ों को चिन्हित किया है।
रेलवे को वन विभाग को करीब 150 करोड़ रुपये देने हैं। इसमें 40 करोड़ रुपये वनभूमि के बदले, 40 करोड़ रुपये पेड़ों की नेट प्रेजेंट वैल्यू (एनपीवी) और 9 करोड़ रुपये पेड़ों की कटाई के खर्च के रूप में शामिल हैं। मगर 9 करोड़ रुपये का ट्रांसजेक्शन गलत हो गया है। रेलवे के रतलाम मंडल ने राशि को इंदौर की बजाए रतलाम वनमंडल के खाते में ट्रांसफर करवाए है। यह राशि कोषालय में आ चुकी है।
प्रोजेक्ट के दौरान काटे जाने वाले पेड़ों के बदले पौधारोपण भी किया जाएगा। रेलवे की तरफ से 50 करोड़ की राशि आना है। इसे पौधारोपण किया जाएगा। पौधों के लिए धार और झाबुआ वनमंडल के जंगलों को चिन्हित किया गया है।
रेल मार्ग पर 20 किलोमीटर के क्षेत्र में 16 सुरंगें बनाई जाएंगी। इनमें बड़िया से बेका के बीच 4.1 किमी, चोरल से मुख्यतियार बलवाड़ा के बीच 2.2 किमी और राजपुर के पास 1.6 किमी लंबी सुरंगें होंगी। बाकी 12.1 किमी में 13 छोटी सुरंगें बनेंगी। इसके अलावा 30-30 मीटर लंबे वायडक्ट (पुल) भी बनाए जाएंगे, जिससे 17 हजार पेड़ों को सुरक्षित रखा जाएगा।
पेड़ों की कटाई का खर्च रतलाम मंडल में पहुंच गया था। 9 करोड़ रुपये राशि के संबंध में रतलाम से जानकारी प्राप्त हुई थी। इसकी सूचना वन विभाग मुख्यालय को दे दी है। राशि जल्द ही ट्रांसफर होगी। दोनों वनमंडल आपस में समन्वय बनाए है। वैसे पेड़ों की कटाई तीन से चार चरण में होगी। अभी सिर्फ 105 पेड़ कटे है। शेष वनभूमि से कटाई अक्टूबर में करेंगे। इसके बारे में रेंज को जानकारी दे दी है। -लाल सुधाकर सिंह, डीएफओ, इंदौर वनमंडल