

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर अभिभाषक संघ के लगभग डेढ माह पहले हुए चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका का शुक्रवार को निराकरण हो गया। याचिकाकर्ता ने खुद ही यह याचिका वापस ले ली।
हाई कोर्ट में यह याचिका कार्यकारिणी पद के प्रत्याशी दिनेश मेहर ने प्रस्तुत की थी। आरोप लगाया था कि अभिभाषक संघ चुनाव में कार्यकारिणी सदस्य के लिए की गई मतगणना में गड़बड़ी हुई है।
चुनाव में कुल 3558 मत डले थे। इसमें से 86 निरस्त हो गए थे। एक मतदाता कार्यकारिणी सदस्य के लिए 6 मत दे सकता था।
इस हिसाब से 20832 मत होना चाहिए थे, लेकिन प्रत्याशियों को 21155 मत प्राप्त हुए। यह डाले गए मतों से 323 ज्यादा हैं। मतगणना के तुरंत बाद इसकी शिकायत निर्वाचन अधिकारी से करते हुए दोबारा मतगणना की मांग की गई थी, लेकिन उन्होंने शिकायत ही नहीं ली।
मामले की शिकायत राज्य अधिवक्ता परिषद को भी की गई, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान इंदौर अभिभाषक संघ और राज्य अधिवक्ता परिषद ने सवाल उठाया कि चूंकि चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं। नई कार्यकारिणी कार्यभार संभाल चुकी है।
चुनाव परिणाम को चुनौती देने के लिए सिर्फ चुनाव याचिका दायर की जा सकती है, रिट याचिका नहीं। रिट याचिका निरस्त की जाए।
इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि कहा कि वे रिट याचिका को वापस लेना चाहते हैं। इस पर कोर्ट ने याचिका वापस कर दी।