
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (नेयू) ने गुरुवार को ‘स्टूडेंट जस्टिस मार्च एवं न्याय यात्रा 3.0’ शुरू होने से पहले ही रोक दी गई। पुलिस ने यात्रा को लेकर अनुमति नहीं दी। इसके पहले ही नेयू के राधे जाट और सुरेंद्र यादव को हिरासत में ले लिया।
गुरुवार को निर्धारित समय से पहले ही डीडी गार्डन और आसपास के इलाके में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए थे। जैसे ही छात्र नेता और कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे, पुलिस ने उन्हें एकत्र होने से रोक दिया। कई छात्र नेताओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया, जिसके कारण मार्च शुरू नहीं हो सका।
यहां तक कि डीडी गार्डन से लेकर नवलाख, जीपीओ, शिवाजी चौराहा, गीता भवन, पलासिया, इंद्रपस्थ, हाइकोर्ट चौराहे से लेकर रीगल पर पुलिस की गाड़ियां मौजूद थीं। उन्होंने नेयू की रैली नहीं निकलने दी। यात्रा का नेतृत्व करने वाले अन्य छात्र नेताओं को भी अलग-अलग स्थानों से पकड़ा।
संगठन का कहना है कि प्रशासन ने जानबूझकर यात्रा को रोकने के लिए यह कार्रवाई की। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना लोकतंत्र में हर नागरिक का अधिकार है और युवाओं की आवाज को दबाना उचित नहीं है।
भंवरकुआ चौराहे पर पिछले 23 दिनों से धरना दे रहे छात्र अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं। वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने नेयू की ‘न्याय यात्रा 3.0’ से खुदको दूर रखा है। यहां तक कि धरना स्थल पर भी कई बार छात्रों को नेयू से दूरी बनाए रखने का कहा गया। दोनों छात्र संगठनों ने अलग-अलग तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
भंवरकुआ चौराहे पर चल रहे विद्यार्थियों के धरने को लेकर पुलिस का रवैय सख्त हो गया है। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर दवाब बनाया जा रहा है। इसके लिए भंवरकुआं पुलिस ने क्षेत्र की 25 से ज्यादा कोचिंग क्लास को नोटिस भेजा है। इन्होंने संचालकों से विद्यार्थियों की उपस्थिति के बारे में पूछा है।
कोचिंग संस्थानों को अगले 24 घंटे के भीतर अपनी कक्षाओं का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत करना है। लापरवाही बरतने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। उधर विद्यार्थियों के इस धरने को राजनीति समर्थन मिलने लगा है। धरना स्थल पर गुरुवार शाम को कांग्रेस नेता हनी सिंह बघेल और हीरालाल अलावा भी पहुंचे।